ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर होने के दावों के बीच शुक्रवार को मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला मामला सामने आया। पीलिया की गंभीर बीमारी से पीड़ित महिला की मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मौत के बाद शव वाहन नहीं मिलने पर युवक शव को व्हीलचेयर पर रखकर करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव के लिए पैदल ही निकल पड़ा। रास्ते में ग्रामीणों ने उसे रोककर जानकारी ली और एंबुलेंस बुलाकर शव गांव भिजवाया। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है।
थाना बार क्षेत्र के ग्राम गदयाना निवासी राजू सेन के मुताबिक, वह पिछले दो साल से रिश्ते में मामी लगने वाली रश्मि के साथ रह रहा था। रश्मि कुछ समय से पीलिया की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी और उसका इलाज चल रहा था। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर वह अचेत हो गई। राजू के साथ रश्मि का 12 वर्षीय पुत्र आशिक भी था।
राजू के मुताबिक, वह रश्मि को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद रश्मि को मृत घोषित कर दिया। उसका आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ ने शव ले जाने को कहा। उसके मुताबिक, शव ले जाने के लिए उसे स्ट्रेचर या एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद उसने रश्मि के शव को व्हीलचेयर पर रखा और कंबल से ढककर गांव के लिए पैदल निकल पड़ा। राजू दोपहर में मेडिकल कॉलेज से निकला। रास्ते में लोगों ने उसे रोककर जानकारी ली। देर शाम ग्राम बिरारी के पास ग्रामीणों ने उसे रोक लिया। पूरी घटना की जानकारी लेने के बाद ग्रामीणों ने एंबुलेंस बुलवाई और शव को गदयाना गांव भिजवाया। इस दौरान किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया, जो अब वायरल हो रहा है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में एक महिला की मौत हुई थी। इसके बाद उसका पति ट्राईसाइकिल पर शव लेकर जा रहा था। उसे एंबुलेंस से शव भेजने की बात कही गई थी, लेकिन वह नहीं माना। वह झगड़ने पर भी उतारू हो गया था।
डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज