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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज और सीएचसी में नहीं आग बुझाने के इंतजाम

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ललितपुर। सरकारी अस्पतालों में आग से बचाव के इंतजाम अब तक नहीं हो सके हैं। मेडिकल कॉलेज हो या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कहीं भी मानक के अनुसार आग से बचाव के लिए लाइन नहीं डाली गई है। हालत यह है कि किसी भी सरकारी अस्पताल ने अग्निशमन विभाग से अंतिम अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है।
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सोमवार सुबह जयपुर स्थित एक बड़े अस्पताल में आग लगने से आठ मरीजों की मौत हो गई। जबकि, बीते वर्ष झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से 10 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी। लेकिन, जिम्मेदार इस तरह की घटनाओं के बाद भी चेत नहीं रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज से लेकर सभी छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में किसी में भी आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। अग्निशमन विभाग का दावा है कि बिना उसके मानकों का पालन किए अस्पताल परिसर में फायर पाइप लाइन डाल दी गई है। धौज रील व धौज पाइप के साथ स्प्रिंकलर भी मानक के विपरीत लगाए हैं। यही नहीं अग्निशमन विभाग में एनओसी के लिए आवेदन तक नहीं किया।
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इमरजेंसी में पाइपलाइन भी नहीं : मेडिकल कॉलेज में एनसीडी सेल, पैथोलॉजी, गैलरी, ओपीडी परिसर, वार्ड आदि में आग से बचाव के लिए फायर पाइपलाइन, धौजरील, धौज पाइप, स्प्रिंकलर लगा दिए हैं, लेकिन इमरजेंसी में यह भी सुविधा नहीं है। इमरजेंसी, महिला व पुरुष वार्ड कहीं पर भी पाइपलाइन नहीं डाली गई है। ऑर्थो की ओटी भी सुविधाओं से अछूती है।
एनओसी लेने के लिए भेजे कई पत्र : अग्निशमन विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को एनओसी लेने के लिए पत्र भेजे हैं। लेकिन, लगातार नोटिस के बाद भी अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। संवाद
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