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केवल नाम का है डा. आंबेडकर पार्क

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park.jpeg - फोटो : park.jpeg
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ललितपुर। शहर के जेल चौराहा स्थित डा. आंबेडकर पार्क बदहाली का शिकार है। इस पार्क में न बैठने के लिए बेंच, कुर्सी और न ही रंग - बिरंगे फूल नजर आते हैं। इसमें आए दिन कोई न कोई गोष्ठी या माल्यार्पण कार्यक्रम होते रहते हैं। इसके बाद भी जिम्मेदारों का ध्यान पार्क की कमियों पर नहीं जाता है।
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डा. आंबेडकर के अनुयायियों की संख्या शहर में काफी होगी। इसे ध्यान में रख्,ाबर वर्षों पहले जेल चौराहा पर डा. आंबेडकर की प्रतिमा लगाई गई और जगह को पार्क की शक्ल दी गई। लेकिन, मौजूूदा समय में पार्क में मूर्ति के अलावा कुछ नजर नहीं आता है। पार्क में बैठने के लिए न तो बेंच, कुर्सी है और न ही फूल हैं। पार्क के सौंदर्यीकरण की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जबकि आए दिन कोई न कोई नेता या अधिकारी मूर्ति पर माल्यार्पण करने आते रहते हैं। मूर्ति के ऊपर किसी ने छतरी लगाने का भी प्रयास नहीं किया।
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डा. आंबेडकर ने निर्धन और शोषितों के उत्थान के लिए काम किया। उनकी वजह से ही दबे - कुचले लोगों को अधिकार प्राप्त हो पाए। उनके नाम पर बना पार्क उपेक्षा का शिकार है। - पीतम अहिरवार
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शहर के जेल चौराहा पर डा. आंबेडकर पार्क बना हुआ है। यहां पर बस व टैक्सियों का ठहराव होता है। नगर पालिका को पार्क का सौंदर्यीकरण कराना चाहिए। - दलू वंशकार
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डा. आंबेडकर पार्क हम सभी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। पार्क में बैठने के लिए कुर्सी और बेंच स्थापित की जानी चाहिए, ताकि लोग पार्क में कुछ समय व्यतीत कर सकें। - अमित
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डा. आंबेडकर पार्क के नाम पर भूमि आवंटित है। इसके बाद भी पार्क का विस्तार नहीं किया जा रहा है। पार्क में खाली भूमि पर हरी घास व क्यारियां बनाने की आवश्यकता है। - जयकुमार
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नगर पालिका परिषद शहर के सभी पार्कों की साफ-सफाई पर ध्यान दे रही है। वर्तमान में पालिका बजट की कमी से जूझ रही है, लेकिन शीघ्र ही डा. आंबेडकर पार्क की कमियों को दूर किया जाएगा।
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- निहाल चंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद
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