फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाहर से लौटे श्रमिकों को ग्राम पंचायतों में नहीं मिल रहा रोजगार

विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। कोरोना महामारी में बाहरी राज्य/महानगरों से वापस लौटे श्रमिकों को कई ग्राम पंचायतों में रोजगार मुहैया नहीं कराया जा रहा है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने ऐसी ग्राम पंचायतों के सचिवों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में 150 से 200 श्रमिकों को रोजगार दिलाया जाए। वरना, संबंधितों के विरुद्ध वेतन काटने की कार्रवाई जाएगी।
विज्ञापन

कोविड 19 महामारी के मद्देनजर जिले में काफी संख्या में श्रमिक विभिन्न राज्य/ महानगरों से वापस लौटकर आए हैं, जिन्हें रोजगार की आवश्यकता है। मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने बारह मई को मनरेगा एमआईएस का अवलोकन किया। इसमें पाया कि कई ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ नहीं है। खंड विकास अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पंचायत में एस्टीमेट तैयार है। कुछ ग्राम पंचायतों में काम प्रारंभ नहीं हुआ है। इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडे ने सख्त रवैया अपनाते हुए ग्राम बंगरिया पंचायत सचिव मनोज सोनी, ऐरा व नीमखेरा के सचिव वीरेंद्र प्रताप सिंह, बिरधा के सचिव अमित जैन, बरखिरिया के सचिव आनंद कुमार, जाखलौन के सचिव अजय प्रताप सिंह, बछलापुर व जामुनधाना की सचिव मेनका श्रीवास्तव और झांकर के सचिव महेंद्र कुमार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन ग्राम पंचायतों में कम से कम तीन-तीन कार्य प्रारंभ कराते हुए 150 से 200 श्रमिकों को सोशल डिस्टेसिंग का पालन कराते हुए रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि ग्राम पंचायत में श्रमिकों को कार्य नहीं दिया जाता तो उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए प्रथम बार में वेतन काटने की कार्रवाई, द्वितीय बार में कार्य प्रारंभ नहीं होने पर प्रतिकूल प्रविष्टि और अंतिम बार में निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

इतने कर रहे काम
इस समय जिले में एक लाख से ज्यादा मनरेगा जॉब कार्डधारक हैं, इनमें से केवल 24,400 कार्डधारकों को मनरेगा में काम मिला हुआ है। सोमवार को 24,800 कार्डधारक काम कर रहे थे। विभागीय अधिकारियों ने ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन कर श्रमिकों को काम देने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें