ललितपुर। शहर में कई मोहल्लों में कॉलोनाइजर मनमाने तरीके से कॉलोनी काटकर बिना नियत प्राधिकरण की स्वीकृति के ही आवासीय प्लाटों की बिक्री कर रहे हैं। नगर के अधिकांश कॉलोनाइजर तो रजिस्टर्ड भी नहीं है। इससे खरीदारों को न तो सड़क और न ही नाली की सुविधा दी जा रही है। लोग दलदल में रहने को मजबूर हैं। ऐसी ही स्थिति शहर के मोहल्ला पिसनारी में है, जहां पर लोगों को प्लाट तो बचे दिए, लेकिन सुविधाओं से वंचित रखा है।
शहर में कॉलोनी बनाने के लिए नीयत प्राधिकरण द्वारा मानक तय किए गए हैं। इनमें सबसे पहले तो कॉलोनाइजर को रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। कॉलोनी बनाते समय मानकों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसमें रास्ते मानक अनुरूप होना चाहिए। रास्ता के साथ ही सड़क का निर्माण कराए जाने का प्रावधान है। रास्ते में घरों से निकलने वाले दूषित पानी की निकासी के लिए रास्ते में पक्की नाली का निर्माण किया जाए और बिजली की सुविधा मुहैया कराई जानी चाहिए।
लेकिन, शहर में अधिकांश कॉलोनाइजर मानकों की अनदेखी कर रहे हैं। यह केवल प्लाट बेचने तक ही कॉलोनी के इर्द-गिर्द मंडराते हैं। आवास की बिक्री होने के बाद आसपास तक नजर नहीं आते हैं। ऐसे में भवन निर्माण के बाद असुविधाओं के चलते लोग अपने आप को ठगा सा महसूस करते हैं।
ऐसी ही स्थिति शहर के मोहल्ला पिसनारी की बनी हुआ है। यहां पर व्याना नाला से तिलयानापुरा के जाने वाले अधिकांश रास्तों में कॉलोनी बन गई है। यहां पर कॉलोनाइजर ने कॉलोनी के प्लाट तो बेच दिए, लेकिन सुविधाएं नहीं दी है। रास्तों की चौड़ाई नहीं है। इससे दो वाहनों की निकासी नहीं हो पा रही है। ऐसे में कई बार तो वाहनों को घर तक ले जाना मुश्किल हो रहा है। वाहन तो दूर रास्ते सही नहीं है। रास्तों में ट्रैक्टरों की निकलने से गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। इससे दो पहिया तो दूर रात्रि में पैदल निकलना तक मुश्किल हो रहा है। कई बार तो बच्चे रास्ते में गिर जाते हैं। रही बची कसर को नाली निर्माण न होने से रास्ते में हो रहे जलभराव ने पूरी कर दी है। मोहल्लावासी मजबूरन ही दूषित पानी से निकल रहे हैं। कॉलोनाइजर तो प्लाट की बेचकर निकल जाते हैं। ऐसे में सड़क व नाली बनाने की जिम्मेदार नगर पालिका के माथे पर आ जाती है।
हैंडपंप व नाली का पानी रास्ते में ही जाम हो रहा है। इससे दूषित जलभराव से होकर निकलना पड़ रहा है।
- रमेश
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सर्दी व गर्मी में तो नाली के पानी कम होने से इधर, उधर से निकल जाते हैं, लेकिन बारिश के मौसम में गिरने का भय बना रहता है।
- रामनरेश
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रास्ते में सड़क व नाली तो दूर रास्ता भी ऊबड़ खाबड़ है। ऐसे में दो पहिया वाहन को निकालत लेते हैं, लेकिन चार पहिया वाहन नहीं निकाल पा रहे हैं।
- इमरान
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मकान के सामने सड़क नहीं डली है। नाली नहीं होने के दूषित पानी गड्ढों में भरा है। इससे संक्रामक बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है।
- नीलू कुशवाहा
नगर क्षेत्र में कट रही कॉलोनी की जांच कराई जाएगी। ऐसे में मानकों को पूरा न करने वाले कॉलोनाइजर ञको नोटिस देकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- निहाल चंद्र
अधिशाषी अधिकारी
मोहल्ला पिसनारी की कालोनी में लगा कचरे का ढेर- फोटो : LALITPUR