ललितपुर। बीते दिन तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आंकलन सर्वे के माध्यम से कराया गया। इस दौरान जांच में फसल को नुकसान नहीं पाया गया है। अफसरों का कहना है कि यदि कोई किसान व्यक्तिगत फसल नुकसान का दावा करता है, तो क्रॉप कटिंग के आधार पर आई रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बीते दिनों 16 फरवरी की शाम तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो गई थी। इससे तालबेहट समेत कुछ क्षेत्रों में गेहूं की फसल को पानी की मांग कघर रहे किसानों के चेहरे पर खुशी आ गई थी। वहीं सदर तहसी ललितपुर, पाली, महरौनी व मड़ावरा क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से दलहनी फसलों को नुकसान बताया जा रहा था। वहीं कुछ क्षेत्रों में हल्के ओले भी गिर गए थे। हालांकि हल्के होने से फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा। लेकिन तेज हवा के साथ हुई बारिश से पकी व कटी हुई मटर की फसल को नुकसान माना जा रहा था। वहीं गेहूं व चना की खड़ी फसल भी गिरने से प्रभावित होना माना जा रहा था।
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से फसल के नुकसान की जांच जिला प्रशासन ने पर क्षेत्रीय तहसीलदारों को मौके पर पहुंचकर करने के निर्देश दिए गए थे। जिसकी जांच तहसीलदारों द्वारा की गई। जिसमें पाया कि मटर की फसल कट चुकी थी। वहीं गेहूं और चना की फसल को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं हुुआ है। रिपोर्ट के आधार पर फसलें प्रभावित नहीं हुई हैं।
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व्यक्तिगत दावे की क्रॉप कटिंग के आधार पर होगी कार्रवाई
बारिश से फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है। फसल में 33 प्रतिशत नुकसान होने पर कार्रवाई की जाती है। यदि कोई किसान फसल खराब होने का व्यक्तिगत दावा करता है, तो क्रॉप कटिंग के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी