ललितपुर। ‘अमर उजाला’ के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत मंगलवार को ललितपुर कार्यालय पर संवाद का आयोजन किया गया। इसमें शहर की प्रबुद्ध वर्ग की महिलाओं ने हिस्सा लिया। सभी महिलाओं ने निर्भया के गुनहगारों को शीघ्र फांसी देने की मांग की।
‘अमर उजाला’ कार्यालय में आयोजित संवाद में महिलाओं न कहा कि निर्भया के साथ जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों को फांसी देने में देरी करना ठीक नहीं है। फांसी में देरी होने से लोगों में गलत संदेश जाता है। दोषियों को राहत देने से अपराधियों का हौसला बढ़ता है, इसलिए निर्भया के दोषियों को बिना विलंब के शीघ्र फांसी दी जाए। महिलाओं ने कहा कि सामूहिक दुष्कर्म जैसे कृत्यों को करने वालों को न्याय की लंबी प्रक्रिया में उलझाने की बजाय शीघ्र सजा का प्रावधान होना चाहिए। इस दौरान अनुसुइया झा, सुमन कुमारी, नीतू, लक्ष्मी सिंह, शिमला राठौर, प्रतिभा कुशवाहा, माधुरी दुबे, कौशर शाहीन, प्रीति यादव, रितु यादव, शदफ़ मंसूरी, काजल पाटकर, दीक्षा राजपूत, ज्योति गुप्ता मौजूद रहीं।
निर्भया के दोषियों की फांसी में देर नहीं होनी चाहिए। जब राष्ट्रपति भी दरिंदों की दया याचिका खारिज कर चुके हैं, तो फिर फांसी में देरी क्यों हो रही है।
- अनुसुइया झा, समाजसेवी
निर्भयाकांड में एक नाबालिग दोषी भी था। नाबालिग होने के चलते उसे फांसी की सजा नहीं दी जा रही है। संविधान में संशोधन कर नाबालिग अपराधियों को जघन्य अपराध की सजा दी जानी चाहिए।
- सुमन कुमार, गृहणी
निर्भया को न्याय देने में देरी नहीं होनी चाहिए। बलात्कारियों के लिए सरकार को कठोर और त्वरित न्यायिक व्यवस्था बनानी चाहिए।
- नीतू, गृहणी
अपराध का दंड इतना भयानक होना चाहिए कि जिससे अपराधी अपराध करने की सोच भी न सकें और गलत काम करने के लिए कभी सोचें भी नहीं। सरकार को अपराध कम करने के लिए कड़े कानून बनाने चाहिए।
- लक्ष्मी सिंह, प्रवक्ता नगर पालिका बालिका इंटर कालेज
बच्चों में नैतिक और धार्मिक विचारधाराओं को बढ़ावा देना चाहिए। गलत कृत्य करने वालों को कतई बर्दाश्त न किया जाए, बल्कि उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। निर्भया के दोषियों की फांसी में विलंब नहीं होना चाहिए।
- शिमला राठौर, प्रवक्ता नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज
अपराध साबित होने पर सजा देने में समय बर्बाद न करके तत्काल सजा का प्रावधान होना चाहिए। विद्यालय और अभिभावकों का काम है कि अपने बच्चों को ऐसी शिक्षा दें कि वह उच्च मानसिकता के व्यक्ति बन सकें। निर्भया के दोषियों को शीघ्र सजा मिलनी चाहिए।
- प्रतिभा कुशवाहा, शिक्षिका एल्ड्रिज इंटरनेशनल स्कूल
निर्भया कांड के दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दी जाए और फांसी में विलंब न किया जाए।
- माधुरी दुबे, प्रधानाचार्य, एल्ड्रिज इंटरनेशनल स्कूल
गलत कृत्य सजीव जगत को निर्जीव बनाते जा रहे हैं, ऐसे में गलत चरित्र वाले अपराधी अपनी गंदी मानसिकता से गंदा वातावरण निर्मित कर रहे हैं। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और निर्भया के दोषियों को शीघ्र फांसी दी जाए।
- कौशल शाहीन, शिक्षिका लाइफ विजन एकेडमी
करने वालों को न्याय की प्रक्रिया में सजा का प्रावधान किया जाए। आशा करते हैं कि निर्भया के दोषियों को शीघ्र फांसी होगी।
- प्रीति यादव, शिक्षिका लाइफ विजन एकेडमी
अपराधी को सजा देने का मतलब अपराध को खत्म करना है। इसलिए निर्भया केस में जरूरी है कि सजा ऐसी हो जिससे न सिर्फ अपराधी खत्म हों बल्कि अपराध का भी अंत हो जाए।
- रितु यादव, शिक्षिका लाइफ विजन एकेडमी
सजा ऐसी मिले कि जिससे अपराधी की रूह कांप जाए, कानूनी प्रक्रिया लंबी नहीं होनी चाहिए। अपराधियों का दोष सिद्ध होने पर उन्हें शीघ्र सजा दे देनी चाहिए।
- शदफ मंसूरी, छात्रा गुरुकुल अकेडमी
अगर कोई बलात्कार का दोषी साबित हो जाए तो उसे तुरंत सजा मिलना चाहिए और दरिंदगी के खिलाफ उसी स्तर की सजा मिलनी चाहिए, जिससे कि अपराधी - अपराध करने के लिए सौ बार सोचे।
- काजल पाटकर, छात्रा गुरुकुल अकेडमी
प्राथमिक शिक्षा में नैतिक चीजों को जोड़ना चाहिए और माता-पिता को अपने बच्चों को शुरू से ही इस ओर ध्यान देना चाहिए। निर्भया केस के आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।
- दीक्षा राजपूत, छात्रा गुरुकुल अकेडमी
वर्तमान में जरूरत है अध्यात्म व मानसिक सुधार की और मुख्यत: खुद को बदलने की। जहां भी हम गलत कृत्य को देखें, वहां हमें तुरंत आवाज उठाएं। हमारी आवाज, पीड़ित व्यक्ति के लिए हथियार साबित होगी। निर्भया कांड के दोषियों को जल्दी फांसी की सजा दे देनी चाहिए।
- ज्योति गुप्ता, राजस्वकर्मी
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