अगले साल हर घर में होगा शौचालय
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ललितपुर। आगामी मार्च 2017 के बाद ललितपुर शहर में कोई भी परिवार शौचालय विहीन नहीं रहेगा। इसके लिए शासन ने नगर पालिका को मार्च 2017 के अंत तक स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर के शत प्रतिशत घरों में घरेलू शौचालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय विहीन गरीब परिवारों के लिए अनुदान राशि देकर घरेलू शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। योजना की शुरुआत वर्ष 2014 में की गई थी, इन घरेलू शौचालय निर्माण के लिए शासन द्वारा कुल आठ हजार रुपए की अनुदान राशि दी जा रही है। केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार दोनों चार-चार हजार रुपए की अनुदान राशि देंगं। हाल ही में शासन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश की 151 नगर पालिकाओं को अप्रैल 2017 तक अपने-अपने क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य सौंपा हैं। इन 151 नगर पालिकाओं में ललितपुर नगर पालिका भी शामिल है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार ने विभागीय अधिकारियों के पेच कसना शुरु कर दिए हैं। इस योजना में आवेदकों का भौतिक सत्यापन का दोनों मुख्य सफाई निरीक्षकों की देखरेख में स्वास्थ्य नायकों द्वारा किया जा रहा है। अधिशासी अधिकारी ने दोनों सफाई निरीक्षकों को कार्य में तेजी लाने के लिए अपने-अपने कार्य क्षेत्र में जागरुकता अधियान चलाने व खुले में शौच जाने वाले परिवारों को योजना के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने अधीन स्वास्थ्य नायकों के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करें।
योजना प्रभारी अभिषेक कुमार चौबे ने बताया कि इस अब तक 231 लाभार्थियों ने अनुदान राशि का लाभ लेने के लिए नियामुनार शपथ पत्र कार्यालय में जमा करा दिए हैं। इन लाभार्थियों की सूची तैयार करके संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि उक्त लाभार्थियों के खातों में अनुदान राशि भेजी जा सके।
पहले आओ-पहले पाओ की नीति हुई लागू
इस योजना के तहत घरेलू शौचालय निर्माण के लिए विगत जुलाई माह में केंद्र व प्रदेश सरकार ने 1,918 लाभार्थियों को दो-दो हजार रुपए की प्रथम अनुदान राशि किश्त जारी कर दी है। नगर पालिका अब तक उक्त 1,918 स्वीकृत लाभार्थियों को अनुदान राशि उपलब्ध कराने के लिए योजना की शर्तों व नियमानुसार शौचालय का 25 प्रतिशत निर्माण कार्य लाभार्थी से कराने में जुटी हुई थी, ताकि लाभार्थियों को अनुदान राशि दिलाई जा सके। शासन की यह शर्त थी कि लाभार्थी को अनुदान राशि तभी दी जाएगी जब वह अपने निजी रुपयों से शौचालय निर्माण का 25 प्रतिशत कार्य स्वयं करा ले। लेकिन योजना में विलंब होने के कारण शासन की स्वीकृति पर नगर पालिका ने अब पहले आओ-पहले पाओ का नियम लागू कर दिया है। नगर पालिका क्षेत्र के अब तक कुल 4,696 लोगों ने आनलाइन आवेदन किए हैं। इनमें से नगर पालिका द्वारा 3,233 आवेदकों का भौतिक सत्यापन हो गया है, जो पात्रों की श्रेणी में हैं, वहीं 972 आवेदनों को विभिन्न कारणों व त्रुटियों के चलते निरस्त कर दिया गया है। इनमें से अब तक 3,101 आवेदकों को लाभार्थियों की श्रेणी में शामिल किए जाने की स्वीकृति मिल गई है। अब इन स्वीकृत लाभार्थियों में से जो भी आवेदक अपने रुपयों से शौचालय का निर्माण कार्य शुरु कराकर नगर पालिका को पहले सूचना देगा उसको योजना का लाभ पहले मिलेगा। नगर पालिका द्वारा भौतिक सत्यापन कराने के बाद उक्त आवेदक के खाते में जल्द से जल्द अनुदान राशि आवंटित करा दी जाएगी।