बानपुर। शनिवार को अतिशय क्षेत्र बानपुर में चल रहे श्रीनेमिनाथ जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में तप कल्याण महोत्सव मनाया गया। महोत्सव में नेमीकुमार ने बरात में वैराग्य धारण किया।
इस अवसर पर नेमिकुमार की बरात निकाली गई, जो क्षेत्रपाल जैन मंदिर से प्रारंभ होकर कस्बा के मुख्य मार्गों से होती हुई श्रीदिगंबर जैन अतिशय क्षेत्रपाल पर पहुंची। जहां नेमिकुमार ने देखा कि एक बाड़े में काफी संख्या में पशु बंधे हुए हैं। जिनका रुदन देखा नहीं गया, उन्होंने सारथी से पूछा कि इतने सारे जानवरों को क्यों बांधा गया, तब सारथी ने बताया कि आपकी बरात में आए लोगों को इनको मारकर खिलाया जाएगा।
इसके बाद नेमिकुमार ने रथ से नीचे उतर कर बंधे हुए पशुओं को छोड़ दिया। वह गिरनार पर्वत की ओर चले गए, उन्होंने वहां पर दीक्षा लेकर वैराग्य धारण किया। कार्यक्रम में शास्त्र भेंट का सौभाग्य माता-पिता अभय आभा गोयल टीकमगढ़ परिवार को मिला।
मुनिश्री की हुई पिच्छी परिवर्तन
शनिवार की शाम दीक्षा के कार्यक्रम में पिच्छी परिवर्तन का कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आचार्य विनम्र सागर को नई पिच्छी दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी के उपस्थित लोगों ने भेंट की। गुुरुवर ने कहा कि पिच्छी संयम का उपकरण है, इससे जीवों की रक्षा की जाती है।