अमृत योजना के तहत नेहरू नगर पेयजल योजना को मंजूरी मिलने के बाद इसका श्रेय लेने के लिए स्थानीय स्तर पर राजनीतिक पार्टियों में होड़ लग गई है, इसके पीछे सभी अपनी पार्टी व बड़े नेताओं का सार्थक प्रयास बता रहे हैं।
शहर के नेहरू नगर क्षेत्र में पेयजल की समस्या वर्षों से चली आ रही है। नेहरू नगर में पेयजल व्यवस्था की मांग को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा राजनीतिक पार्टियों व सामाजिक संगठनों द्वारा हमेशा ही मांग उठाई जाती रही है। बीते वर्ष भारत सरकार ने शहरी क्षेत्रों में सुविधाएं देने के लिए अमृत योजना के तहत पेयजल व्यवस्था के संबंध में प्रस्ताव मांगा था, ताकि शहरी क्षेत्र के घर-घर में स्वच्छ पेयजल पहुंच सके। जिसमें नगर पालिका ने नेहरू नगर पेयजल योजना और शहरीय क्षेत्रों में घरेलू कनेक्शन का प्रस्ताव शासन को भेजा था और इसकी डीपीआर रिपोर्ट जल निगत द्वारा तैयार की गई थी। विगत कुछ माह पहले शासन ने नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए करीब साढ़े 23 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी थी और बीते सप्ताह जल निगम में इसके निर्माण कार्य का टेंडर भी निकाल दिया है।
अब इस नेहरू नगर पेयजल योजना को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीति शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता सोशल मीडिया व शहर में होर्डिंग लगातार इसका श्रेय अपने नेताओं को दे रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के कुछ नेता इसके पीछे अपनी पार्टी का सार्थक प्रयास बता रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई ने इस संबंध में शुक्रवार को एक बैठक आयोजित करके नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए केंद्रीय मंत्री व क्षेत्रीय सांसद उमा भारती का आभार व्यक्त किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि नेहरू नगर पेयजल योजना को स्वीकृति केंद्रीय मंत्री उमा भारती के सार्थक प्रयास से मिली है। इस बैठक में जिलाध्यक्ष रमेश कुशवाह, सांसद प्रतिनिधि प्रदीप चौबे, राष्ट्रीय परिषद सदस्य रामरतन कुशवाहा, शशि शेखर पांडेय, बब्बूराजा, राजकुमार, हरीराम निरंजन, अशोक गोस्वामी, रामेश्वर सड़ैया, घनश्याम साहू, देवेंद्र गुरु, डा.अविनाश देशमुख, केके हुण्डैत, कल्लन कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।
वोट बैंक का है सारा खेल
अमृत योजना के तहत स्वीकृत नहेरू नगर पेयजल योजना का श्रेय लेने के पीछे राजनीतिक पार्टियों की होड़ के पीछे सारा मामला केवल वोट बैंक का है। नेहरू नगर में यदि सबसे बड़ी समस्या है तो वह पेयजल और रेलवे क्रॉसिंग के ओवरब्रिज की है। नेहरू नगर क्षेत्र शहर का सबसे बड़ा क्षेत्र है, इसलिए इस क्षेत्र को दो वार्डों में रखा गया है और इस नेहरू नगर क्षेत्र में करीब 12 हजार वोटर हैं। इन्हीं 12 हजार वोटरों का दिल जीतने के लिए यह होड़ लगी हुई है। वर्तमान में अभी पेयजल का श्रेय लूटने को होड़ लगी है, इसके बाद ओवर ब्रिज का नंबर लग जाएगा, जिसके लिए पहले ही मंजूरी मिल चुकी है।