राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री पेंशन योजना (पूर्व नाम समाजवादी पेंशन योजना) के सत्यापन में लापरवाही उजागर हुई है। 59 नोडल अधिकारियों में से अब तक मात्र दो नोडल अधिकारियों ने पूर्ण सत्यापित सूची मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई गई है। जबकि 57 नोडल अधिकारियों द्वारा संपूर्ण सूची उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तीन दिन में पूर्ण सत्यापित सूची उपलब्ध कराने को कहा है। अन्यथा कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी।
जनपद में मुख्यमंत्री पेंशन योजना के अंतर्गत जनपद में 48 न्याय पंचायतों के अंतर्गत 77 हजार 752 लोग लाभ ले रहे हैं। उक्त पेंशन के लाभार्थियों के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं, जिसके दायरे में आने वाले लोगों को ही पेंशन का लाभ मिल सकेगा, लेकिन बहुत से लोगों द्वारा शासन द्वारा तय शर्तों से इतर उक्त योजना में कई अपात्रों को भी लाभान्वित किया जा रहा है। इसकी शिकायतें मिलने के चलते शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा उक्त पेंशन योजना के लाभार्थियों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए जनपद में 59 नोडल अधिकारी नामित किए गए थे और उन नोडल अधिकारियों को जिला प्रशासन को सत्यापन की अपनी रिपोर्ट 15 मई तक प्रत्येक दशा में प्रस्तुत करनी थी, लेकिन अब तक मात्र दो नोडल अधिकारियों जिला समाज कलयाण अधिकारी, ललितपुर द्वारा न्याय पंचायत खितवांस और जिला प्रोबेशन अधिकारी ललितपुर द्वारा न्याय पंचायत सिमरधा की संपूर्ण सत्यापित सूची मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई गई है। जबकि 59 नोडल अधिकारियों द्वारा उक्त पेंशन योजना के सत्यापन में लापरवाही सामने आई है। जिन्होंने अब तक संपूर्ण सत्यापित सूची उपलब्ध नहीं कराई है। अधिशासी अभियंता निर्माण खंड द्वितीय,-न्याय पंचायत गिदवाहा, सहायक अभियंता सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय न्याय पंचायत मसौराखुर्द एवं सहायक अभियंता प्रथम निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग न्याय पंचायत लागौन द्वारा मात्र 25 प्रतिशत सत्यापित सूची ही उपलब्ध कराई है, जो ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा शत-प्रतिशत सत्यापित नहीं है, यानि अपूर्ण है। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने उक्त सत्यापन में लापरवाही बरतने पर नाराजगी जताई है और निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री पेंशन योजना के सत्यापन की संपूर्ण सूची तीन दिन के अंदर नोडल अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए। ऐसा न करने पर या बिलंब करने वाले अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराकर उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया जाएगा।