ललितपुर। शहर में प्रधानमंत्री आश्रय योजना के तहत गरीबों के लिए बनाए आवासों में अपात्र ताला बंद कर कमरों में ताला बंद किए हुए हैं, जबकि पात्रों को आवास आवंटन देने में सरकारी महकमा हीला हवाली कर रहा है। पीड़ितों द्वारा डीएम को प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद भी उन्हें आवास उपलब्ध कराने में टाल मटोल किया जा रहा है। वहीं, कब्जाधारी गरीबों को भी आवास आवंटन का कागज नहीं मिलने की वजह से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। कार्रवाई न होने से कई लोग परेशान हैं।
डीएम को प्रार्थना पत्र देने गई किरण और रोशनी ने बताया कि आवास के लिए वह काफी दिनों ने डूडा कार्यालय का चक्कर लगा रही है। लेकिन परियोजना अधिकारी प्रार्थना पत्र नहीं ले रहे हैं। थक हारकर वह डीएम के यहां प्रार्थना पत्र देने आई है। जिस आवास में रह रही है, वहां कुछ लोग आकर आवंटन पत्र नहीं होने का धौंस दिखाकर जबरदस्ती मकान खाली करने को कह रहे हैं। आवास के यू ब्लाक एक नंबर कमरे में रह रही रामसखी और डब्लू ब्लॉक के पांच नंबर कमरे में रह रही राजकुमारी ने बताया कि एक वर्ष पूर्व उन्होंने डूडा कार्यालय में आवेदन दिया। लेकिन आजतक उन्हें आवंटन पत्र नहीं दिया गया है। आवास में ही निवास करने वाले वंशी ने बताया कि आरपीएफ/जीआरपी के कहने पर रेलवे ट्रैक पर कटे शवों को हटाने का काम करता था। उनकी सिफारिश पर मुझे तो आवास आवंटन का कागज मिल गया। लेकिन यहां 50 से अधिक लोग ऐसे हैं जो आवास के लिए भटक रहे हैं। 100 परिवार ऐसे हैं जिनका आवेदन पत्र एक साल पूर्व का जमा है। लेकिन आवंटन पत्र आजतक नहीं मिला है। जिलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने पीड़ितों को परियोजना अधिकारी डूडा से जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व 154 आवास आवंटित किए गए थे जिनमें 35 परिवार आवासों में रह रहे हैं। 119 आवासों में ताल बंद है। इसकी जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है। प्रशासनिक कार्रवाई कराकर बंद आवासों का ताला खुलवाया जाएगा। इसके बाद लंबित आवेदकों को आवंटन पत्र दिया जाएगा।
राजीव शुक्ला, परियोजना अधिकारी डूडा