स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2018 के तहत जनपद स्तर व प्रदेश स्तर पर चुने गए विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्र देकर प्रत्सोहित किया है। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने अन्य विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भी अपने विद्यालयों को साफ-सुथरा व स्वच्छ रखने की बात कही है।
स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2017-18 में प्रतिभाग करने के लिए जनपद के कुल 616 सरकारी व निजी विद्यालयों ने केंद्र सरकार ने वेब-पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया था। इनमें से 491 विद्यालयों ने सर्वे पूरा किया और स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के तहत वर्गीकृत निर्धारित तत्वों के संबंध में अपने-अपने विद्यालयों की फोटो अपलोड कर स्वच्छता की रेस में भाग लिया था। इसका परिणाम प्रदेश द्वारा विगत दिनों घोषित किया जा चुका है। जनपद स्तर पर चुने नौ विद्यालयों को शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रमाण पत्रों को जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह द्वारा संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को वितरित किए गए हैं। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार भी उपस्थित रहे। इन विद्यालयों ने अलग-अलग श्रेणी में अपना स्थान बनाया है। इस दौरान सरकारी आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज तालबेहट, प्राथमिक विद्यालय मड़ियन, उच्च प्राथमिक विद्यालय पनारी, उच्च प्राथमिक विद्यालय भुचेरा, पाली व गुरयाना, सरदार पटेल अहमद बालिका इंटर कॉलेज खितवांस, शांतिनाथ बालसंस्कार इंटर कॉलेज सीरोन और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री सेठ शिवप्रसाद विद्यालय जाखलौन को प्रमाण पत्र दिए गए हैं। ग्रामीण इलाकों में संचालित दो विद्यालयों पूर्व माध्यमिक विद्यालय पनारी और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री सेठ शिवप्रसाद विद्यालय जाखलौन को निर्धारित समस्त वर्गीकृत तत्वों जैसे विद्यालयों में पानी, विद्यालय में सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य विज्ञान, साबुन से हाथ धोना, संचालन और रखरखाव, व्यवहार परिवर्तन गतिविधियां और निर्माण क्षमता में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करके प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता में अपना स्थान बनाया है। यह दोनों ही विद्यालय प्रदेश की ओर से राष्ट्रीय स्तरी प्रतियोगिता में शामिल होकर अन्य राज्यों के स्कूलों को टक्कर देगें।