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राष्ट्रीय लोक अदालत : इस साल 94 हजार से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण

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संवाद न्यूज एजेंसी

ललितपुर। विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत निशुल्क एवं सक्षम विधिक सेवा प्राधिकरण की स्थापना की गई है। इसी के तहत विधिक विवाद निस्तारण के लिए निशुल्क वैकल्पिक मंच के रूप में लोक अदालतों की स्थापना की गई है। राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतर्गत इस वर्ष 94 हजार से अधिक वादों का निस्तारण किया गया है।



राष्ट्रीय लोक अदालत के अंतर्गत वर्ष 2024 में जनपद में 9 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 28 हजार 605 मामलों को निस्तारित करते हुए 2 करोड़ 87 लाख 46 हजार 76 रुपए समझौता राशि निर्धारित की गई। 13 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 31954 मामलों को निस्तारित करते हुए 9 करोड़ 54 लाख 67 हजार 884 रुपये समझौता राशि निर्धारित की गई। इसके बाद 14 सितंबर को आयोजित लोक अदालत में 34188 मामलों को निस्तारित करते हुए 11 करोड़ 18 लाख 53 हजार 531 रुपए समझौता धनराशि निर्धारित की गई। 14 दिसंबर को आयोजित लोक अदालत में भी अधिक से अधिक वादों के निस्तारण की संभावना है। लोक अदालत उन विवादों का निपटारा करेंगी, जहां कानून व्यक्तियों के बीच समझौते या समाधान की अनुमति देता है। यह मुकदमेबाजी से पहले के चरण के मामलों के साथ-साथ लंबित अदालती मामलों पर भी विचार कर सकता है। हालांकि, किसी विशिष्ट क्षेत्र के लिए आयोजित लोक अदालत केवल उस क्षेत्र पर न्यायिक अधिकार रखने वाली अदालत के लिए लागू मामलों पर ही विचार कर सकती है।
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पूर्व में आयोजित लोक अदालतों में लाखों मामलों को निस्तारित करते हुए करोड़ों रुपये समझौता धनराशि निर्धारित की गई है। लोक अदालतें विवादों का समाधान का एक वैकल्पिक मंच उपलब्ध कराती है। लोक अदालतें आमतौर पर वाहन-दुर्घटना संबंधी दावे, जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद, चेक से संबंधित विवाद, भूमि, श्रम व विवाह संबंधी विवाद इत्यादि मामलों की सुनवाई करती हैं। -यशवंत कुमार सरोज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/ अपर जिला न्यायाधीश।
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