जाम की गिरफ्त में संकरे पुल, राहगीर परेशान
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ललितपुर। नगर में दो प्रमुख संकरे पुलों पर आए दिन जाम की स्थिति बनने से राहगीरों को घंटों परेशान होना पड़ता है। संकरे पुलों की समस्या का निस्तारण नहीं होने से आम लोगों को हर दिन जाम की स्थिति से जूझना पड़ रहा है, लेकिन जनप्रतिनिधियों व स्थानीय प्रशासन द्वारा पुलों की ऊंचाई बढ़ाने और चौड़ीकरण की दिशा में अब तक कोई पहल नहीं की गई है। सोमवार को बयाना नाला पुल पर दोनों ओर एक घंटा तक करीब एक किलोमीटर जाम लगा रहा, जिसे ट्रैफिक कर्मियों द्वारा किसी प्रकार खुलवाकर वाहनों को धीमी गति से आगे बढ़ाया जा सका।
शहर में करीब छह दशक पूर्व झांसी रोड पर अंग्रेजी शासनकाल में बयाना नाला पर और सागर रोड पर शहजाद नदी पर पुलों का निर्माण किया गया था। यह दोनों संकरे पुल किसी भी मार्ग द्वारा मुख्य शहर को जोड़ते हैं। यदि किसी भी एक पुल पर आवागमन ठप हो जाता है, तो राहगीरों को परेशानी खड़ी हो जाती है। यह दोनों पुल इतने संकरे बने हैं कि यदि किसी भी एक ओर से कोई भी बड़ा वाहन आ जाए तो दूसरी ओर से आने वाले वाहनों को उस वाहन के निकलने तक का इंतजार करना होता है। ऐसे में यहां आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। इसके साथ ही इन दोनों पुलों की ऊंचाई भी इतनी कम है कि तेज बारिश के दौरान अक्सर पुल के ऊपर तक पानी बहने लगता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। वर्षों से इन दोनों पुलों की मरम्मत भी पीडब्ल्यूडी प्रशासन द्वारा नहीं कराई गई है, जिसके चलते दोनों पुलों जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। शहजाद नदी पर बने सागर रोड स्थित पुल की हालत तो और भी दयनीय है, हर बार गोविंद सागर बांध से गेट खोले जाने या फिर साइफन खुलने की स्थिति में नदी में बाढ़ की स्थिति बन जाती है और इस पुल की हालत भी खराब हो जाती है।
नगर प्रशासन द्वारा किसी प्रकार पुल की डेंटिंग-पेटिंग कर सड़क की स्थिति वाहन गुजरने लायक ठीक कर दी जाती है, जिससे आवागमन सुचारु हो जाता है। जबकि, नगरवासियों द्वारा कई बार बयाना नाला और शहजाद नदी पर बने इन दोनों पुलों के चौड़ीकरण करवाने के साथ ही ऊंचाई किए जाने की मांग की जाती रही है। लेकिन इस ओर न तो स्थानीय प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधियों द्वारा ही इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम उठाए गए हैं। सोमवार को बयाना नाला पर दोनों ओर करीब एक से डेढ़ किलोमीटर लंबा वाहनों का जाम लग गया, जिसे ट्रैफिक कर्मियों द्वारा बड़ी मुश्किल में एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद धीमी गति से वाहनों का संचालन शुरू किया जा सका। हालांकि यह रोजाना की स्थिति बन चुकी है।
जर्जर पुल दे रहा हादसों को न्यौता
ललितपुर। बाइपास मार्ग से पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास स्थित शहजाद नदी पर बना जर्जर पुल हादसों को न्यौता दे रहा है। यह पुल जहां मुख्य नदी से कुछ ही फीट ऊंचाई पर स्थित है और पुल पर किसी भी प्रकार की रेलिंग या अन्य प्रकार की बाउंड्री ही स्थापित की गई है। यह पुल खुला व नीचा होने के कारण यहां हादसा होने का हमेशा खतरा बना रहता है। पुल भी जर्जर स्थिति में पहुंच गया है, जिस पर किसी वाहन को पुल पार करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। यदि शीघ्र ही पुल की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो यहां बड़ा हादसा हो सकता है।