थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम इमलियाकलां निवासी मोनिका (21) ने गांव के ही शोहदों से परेशान होकर बीते चार दिन पहले सोमवार की शाम को बाड़े में गले में दुपट्टे से फंदा लगाकर लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले युवती ने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था
ललितपुर के थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम इमलिया में शोहदों से परेशान युवती द्वारा सुसाइड नोट लिखकर फांसी लगाकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने नाराहट थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है और विभागीय जांच बैठा दी है।
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थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम इमलियाकलां निवासी मोनिका (21) ने गांव के ही शोहदों से परेशान होकर बीते चार दिन पहले सोमवार की शाम को बाड़े में गले में दुपट्टे से फंदा लगाकर लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इससे पहले युवती ने दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था, जो उसके पास से मिला था। उसने शोहदों द्वारा तीन माह से परेशान करने और विरोध करने पर धमकी देने सहित अन्य बातों का उल्लेख किया था। शोहदे उसे मंदिर जाते समय पहले भी रास्ता रोककर परेशान करते थे।
सोमवार की शाम को मोनिका घर से निकल गई ओर कुछ देर बाद जब उसकी बड़ी बहन बाड़े में गई तो वहां टपरे में मोनिका का शव दुपट्टे से फंदे पर लटक रहा था। उसके पास मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि गांव के इंद्रपाल, दीपू, मुली और भगुंती आते जाते समय रास्ते में रोककर परेशान करने और विरोध करने पर परिजनों से मारपीट की धमकी देते थे। इससे परेशान होकर उसने आत्महत्या करने की बात सुसाइड नोट में कही थी।
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थाने में इसकी शिकायत करने पर आरोपियों पर कोई कार्रवाई तो नहीं की गई, बल्कि उसके भाई ओर पिता को ही आरोपियों ने दौड़ाकर पीटने और घर छोड़ता पड़़ा, जबकि घर लौटने पर फिर से रास्ते में रोककर कार्रवाई करने पर मारपीट की धमकी देने की बात भी सुसाइड नोट में लिखी थी। इस मामले में अब पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने थाना नाराहट प्रभारी प्रमोद कुमार को निलंबित कर दिया और विभागीय जांच शुरू कर दी है।