नगर निकाय चुनाव में नगर पंचायत महरौनी के अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पदों पर चुनाव रोचक होने की उम्मीद है। अपनी दावेदारी पेश करने वाले संभावित दावेदारों के नाम प्रकाश में आ रहे हैं उसके मद्देनजर कोई किसी से कम नजर नहीं आ रहा है। सबके पास अपने-अपने चुनाव जिताऊ समीकरण हैं, जिनके आधार पर चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं।
वर्तमान स्थिति को देखकर इस बार के चुनाव को नगर में आईपीएल ट्राफी की तरह देखा जा रहा है, इसमें कोई भी टीम अप्रत्याशित तरीके से अच्छा प्रदर्शन कर सकती है और नगर पंचायत अध्यक्ष पद की ट्राफी अपने नाम कर सकती है, फिर भी राजनीतिक विश्लेषक इस चुनाव में अध्यक्ष पद के लिये त्रिकोणीय संघर्ष होने की संभावना जता रहे हैं।
नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए बृहस्पतिवार को निवर्तमान चेयर पर्सन कृष्णा सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा। इसके बाद उथल पुथल शुरू हो गई है और जिन संभावित प्रत्याशियों के नाम की चर्चा जोरों पर है, अब वह भी नामांकन में अपना जनसमर्थन प्रकट करने की होड़ में पीछे नहीं रहना चाहते हैं। दुष्यंत बडौनियां गत तीन पंचवर्षीय से लगातार चुनाव में अपनी दावेदारी जताते चले आ रहे हैं। पिछले चुनाव में इनके परिवार की बहू नीलम बडौनियां ने आरक्षित महिला सीट पर दावेदारी पेश की थी, लेकिन नजदीकी अंतर से चुनाव हार गई थीं। इस बार के चुनाव में दुष्यंत बडौनियां सामने आ रहे हैं। वहीं अध्यक्ष पद के लिए लालाराम बाजपेयी का नाम भी प्रबल दावेदारों में शामिल हो रहा है।
इनके पुत्र राजीव बाजपेयी निवारी गांव से प्रधान हैं। दोनों ही दावेदार जल्द नामांकन दाखिल करेंगे। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी पवन मोदी भी अपने साथ युवा वर्ग और पार्टी कार्यकर्ताओं का समर्थन लेकर ताल ठोंक रहे हैं। कांग्रेस से नगर अध्यक्ष मनोज पवैया और रईस खां मंसूरी टिकट के लिए दावेदार हैं, लेकिन पार्टी ने अभी नाम की घोषणा नहीं की है।
पूर्व पार्षद संजीव जैन सर्राफ भी अपनी तगड़ी दावेदारी जता रहे हैं और वह भाजपा के संपर्क में हैं। इसी क्रम में पूर्व चेयरमैन स्व. जाहर सिंह के पुत्र अवधेश प्रताप सिंह भी नामांकन भरने की तैयारी में हैं, जिनकी चुनाव में मौजूदगी से भी बड़े उलटफेर की स्थिति बन सकती है। पूर्व चेयरमैन नीरजप्रताप सिंह और महेंद्र सिंह सिकरवार ने भी नामांकन पत्र खरीदे हैं जो कि निवर्तमान चेयर पर्सन कृष्णा सिंह के परिवार से हैं। अटकलें हैं कि यदि वह दोनों पर्चा दाखिल करते हैं तो कृष्णा सिंह के वोटों में सेंधमारी कर नुकसान कर सकते हैं। वहीं अंदरखाने से ऐसी भी चर्चा आ रही है कि सामंजस्य के तहत वह दोनों अपनी दावेदारी से पीछे भी हट सकते हैं। इसके अलावा भी अनेक दावेदारों के नाम दबी जुबान से चर्चा में है। अभी तक जैन समाज से तीन, ठाकुर से चार, ब्राह्मण समाज से एक प्रत्याशी का नाम सामने आया है।
जातिगत समीकरणों के आधार पर चुनाव में काफी कुछ अप्रत्याशित नतीजे भी आ सकते हैं और चुनावों के राजनीतिक जानकार इस चुनाव को काफी पेचीदा बता रहे हैं।
सभी संभावित प्रत्याशियों की निगाहें सत्तारूढ़ दल भाजपा के प्रत्याशी की घोषणा पर टिकी हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के हवाले से शनिवार तक टिकट फाइनल होने की संभावना है। उसके बाद ही संभावित प्रत्याशी अपने नामांकन भरने की रूपरेखा तय करेंगे। नामांकन दाखिल करने हेतु कुछ प्रत्याशी शुभ मुहूर्त भी निकलवा रहे हैं। नगर में चुनावी माहौल को लेकर गोपनीय बैठकों और मान मनव्वल के दौर जारी है।