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बजट के अभाव में विकास व निर्माण के प्रस्ताव शून्य

Tue, 03 May 2016 12:57 AM IST
lalitpur
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नगर पालिका ललितपुर - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। सोमवार को नगर पालिका में वित्तीय वर्ष 2016-17 की पहली बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। शासन से बजट पास नहीं होने के कारण इस बैठक में निर्माण कार्य से संबंधित कोई प्रस्ताव सदन में नहीं रखा गया। इस दौरान केवल विभागीय आय बढ़ाने से संबंधित मुद्दों और कार्ययोजना बनाने के प्रस्ताव को सदन में रखा गया, जिन्हें बोर्ड ने सर्व सम्मति से स्वीकृति दे दी।
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सोमवार को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान लेखाकार की रिपोर्ट पर संपरीक्षा वर्ष 2014-15 के शुल्क 12.60 लाख रुपये के भुगतान को पालिका निधि में हस्तांतरित किया गया। नगर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जनवरी 2016 में 14 वें वित्त आयोग के बजट से 10 कवर्ड आपे क्रय करने, 80 प्लास्टिक डस्टबिन क्रय करने के लिए जिलाधिकारी द्वारा स्वीकृति दे दी थी। अन्य औपचारिकताओं के लिए प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई। इसके अलावा विज्ञापन शुल्क के लिए विज्ञापनों/ होर्डिग्स पर कर निर्धारण में बढ़ोत्तरी करने व वसूली के संबन्ध में तैयार की गई उपविधियों को स्वीकृत करने, शुल्क की दरों में तीन गुनी वृद्धि करने, नगर सीमा विस्तार हेतु शासन द्वारा दिए गए वर्तमान निर्देशों के क्रम में तैयार प्रस्ताव को स्वीकृत करने, नगर के विभिन्न स्थलों पर होर्डिंग्स स्ट्रक्चर लगाने हेतु तीन वर्ष की स्वीकृति प्रदान करने, मलवा चार्ज व मान चित्रों की अनापत्ति हेतु संशोधित दरें लागू करने आदि प्रस्तवों को सर्वसम्मति से स्वीकृति दे दी गयी।

 नगर पालिका में भवनों के नामांतरण हेतु शुल्क 300 रुपये, 500 रुपये और 1,000 रुपये को बढ़ाकर उसके स्थान पर न्यूनतम 500 रुपये व अधिकतम दो हजार रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया था, जिस पर बोर्ड ने आपत्ति दर्ज की। पार्षदों का कहना था कि वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण संबंधी प्रकरणों में मात्र रजिस्टर्ड वसीयतनामा का उल्लेख किया गया है, अनरजिस्टर्ड वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण हेतु प्रस्तुत होने वाले आवेदनों पर की जानी वाली कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। वहीं, कई पार्षदों ने प्रस्तावित नामांतरण शुल्क की दरों में अप्रत्याशित वृद्धि करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे नगर की जनता व गरीब तबके के भवन स्वामियों पर विपरीत प्रभाव पडे़गा। इस पर उक्त प्रस्ताव को फिलहाल रोक दिया गया। इसी प्रकार प्रतिलिपि शुल्क की दरों में प्रस्तावित लगभग 10 गुनी वृद्धि किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर कुछ पार्षदों ने कड़ी आपत्ति व्यक्त की, जिसे बाद में वर्तमान दरों के सापेक्ष प्रतिलिपि शुल्क के रूप में मात्र 03 गुनी दरें बढ़ाए जाने पर सर्व सम्मति बन गई।
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बैठक में अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार, पार्षद रामसखी कुशवाहा, कृष्ण कुमार पंथ, मु. शरीफ कुरैशी, कमल सिंह यादव, रजनी रजक, विवेेक दरौनिया, पार्वती रजक, अशोक कुमार पंथ, सायस्ता बानो, मुस्तफा खां, रामसेवक प्रजापति, पंकज जैन, मु. इदरीश राईन, सुरेंद्र सिंह यादव, पुष्पारानी कुशवाहा, तबस्सुम, कर निर्धारण अधिकारी अनिल कुमार अरुण, कर अधीक्षक हेमंत सिंह, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक रामकुमार लवानिंया, रामसेवक वाल्मीकि, रमाकांत तिवारी, अभिषेक चौबे, गोहर खान, विनीत कुमार आदि उपस्थित रहे।


ट्यूबवेल, बोर व कुओं की सफाई की उठी मांग
शहर में पेयजल की समस्या से नागरिकों को राहत नहीं मिल पा रही है। पूर्व बोर्ड बैठक की तरह सोमवार को हुई बैठक में भी पेयजल समस्या का मुद्दा छाया रहा। साधारण हैंडपंपों के बोर में पानी नहीं निकलने के कारण इस बार वार्ड  नंबर 01, 05, 08, 10 व 12 के पार्षद  द्वारा पेयजल की समस्या के निजात दिलाने के लिए 600 फीट से लेकर 1,500फीट गहराई तक के  बड़े बोर कराने की मांग की। अध्यक्ष ने अधिशासी अभियंता  जल निगम को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। वहीं, वार्ड नंबर 02 के  पार्षद ने गांधी नगर में ग्राम सभा के कुंए की सफाई  पुन: कराये जाने व कुंये पर जाल डलवाये जाने की मांग की।  वार्ड नंबर 26, 15 व अन्य पार्षदों ने भी अपने वार्ड में स्थित कुओं की जल्द सफाई कराने की मांग उठाई।

तैनात होंगे एक सहायक व तीन अवर अभियंता
नगर पालिका में अभी तक केवल एक अवर अभियंता तैनात है, जिन पर शहर में होने वाले प्रत्येक निर्माण संबंधी कार्यों की गुणवत्ता जांचने की जिम्मेदारी है। लेकिन, आने वाले समय में नगर पालिका में एक सहायक अभियंता और तीन अवर अभियंता की तैनाती की जाएगी। जनवरी 2016 में शासन ने नगर पालिका को शासनादेश जारी करके उक्त पदों को सृजित करने की बात कही है। इस मुद्दे को सहायक कार्यालय अधीक्षक रमाकांत तिवारी द्वारा बोर्ड बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिसे बोर्ड द्वारा स्वीकृति दे दी गई। विभाग द्वारा रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।


कांजी हाउस के लिए जमीन का चयन
नगर क्षेत्र में आवारा पशुओं की भरमार हो गई है, जिससे स्थानीय नागरिकों व राहगीरों को खासी समस्या का सामना करना पड़ता है। आवारा घूमने वाले पशुओं पर अंकुश लागने के लिए नजूल लिपिक प्रदीप सिंह ने सिविल लाइन क्षेत्र स्थित आरएसएस कार्यालय के पास खाली पड़ी नगर पालिका की नजूल की आराजी संख्या 1810 में स्थित 21.22 एकड़ जमीन पर कांजी हाउस का निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा। बोर्ड ने सर्व सम्मति से उक्त जमीन पर कांजी हाउस बनाने के लिए स्वीकृति दे दी है।

कुर्सियों का टोटा, खड़े रहे अधिकारी
नगर पालिका प्रतिवर्ष करोड़ों रुपए विकास कार्य में व्यय कर रही है, लेकिन नगर पालिका कार्यालय में बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था नहीं है। जुलाई 2015 में नगर पालिका ने कार्यालय के लिए चालीस कुर्सियों की खरीद के लिए प्रस्ताव पास किया था, लेकिन अब तक कुर्सियों की खरीद नहीं की गई।
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