एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रहे हैं। वहीं, नगर पालिका परिषद ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष/ पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह पर एक लाख चौरासी हजार एक सौ रुपये खर्च कर दिए। इसका खुलासा बोर्ड बैठक के जारी एजेंडा से हुआ है। बैठक में इसे अनुमोदन के लिए रखा जाना है।
केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फिजूलखर्ची को रोकने के लिए कई कदम उठा रहे हैं। बीते माहों में कार्यालयों में कामकाज की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए अतिथियों को बुके देने की जगह पुस्तक भेंट करने के लिए एक पत्र जारी हुआ था। वहीं, नगर पालिका परिषद ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष/पार्षदों की शपथ में मंच की डेकारेशन से लेकर स्मृति चिह्न, बुकें आदि का इंतजाम 42 हजार रुपये खर्च किए हैं। वहीं, अतिथियों के जलपान का प्रबंध छियालीस हजार रुपये खर्च हुए। वहीं, पंडाल, कुर्सी पर अड़तालीस पांच सौ रुपये के खर्च का अनुमान है। इस तरह समारोह पर कुल एक लाख चौरासी हजार एक सौ रुपये के खर्च का आंकलन किया गया है। जिसे निर्वाचित अध्यक्ष रजनी साहू ने अनुमति प्रदान कर दी है। अब इसे बोर्ड में अनुमोदन के लिए रखा जाएगा।
2 लाख 95 हजार रुपये खर्च होंगे अलाव पर
शहर के 16 स्थलों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। इसमें चार सौ पचास क्विंटल जलाऊ लकड़ी जलाई जाएगी। इसके लिए दो लाख पंचावनवें हजार रुपये की राशि की जरूरत होगी।
वाल पेंटिंग व होर्डिग्स पर खर्च होंगे पांच लाख
जनवरी माह में स्वच्द सर्वेक्षण प्रस्तावित है जिसे ध्यान में रखकर होर्डिग्स, फ्लैक्स, बैनर, इंडीकेटर आदि स्थापित किए जाने हैं। जिसके लिए पांच लाख रुपये का इंतजाम किया जा रहा है।
बैठक में होगी चर्चा
पहली बोर्ड बैठक हो रही है। जिसमें विभिन्न प्रस्ताव रखे जाएंगे। जहां तक शपथ ग्रहण समारोह में जलपान पर खर्च होने की बात है तो उसके बिल बाउचर भी मांगे जाएंगे।
रजनी साहू, अध्यक्ष
नगर पालिका परिषद ललितपुर।