ललितपुर। अपर जिला और सत्र न्यायाधीश (पाक्सो द्वितीय) निर्भय प्रकाश की अदालत ने तीन वर्ष पूर्व कैलगुवां तिराहे पर ग्राम रमगढा निवासी युवक की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले दो व्यक्तियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
तीन वर्ष पूर्व थाना गिरार अंतर्गत ग्राम रमगढ़ा निवासी माखन पुत्र देवसिंह लोधी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 25 अप्रैल 2018 को भतीजे सेवराज पुत्र भागीरथ व राघवेंद्र पुत्र रामसिंह के साथ दो-दो किलो देशी घी ललितपुर बेचने के लिए आया था। रात को रेलवे स्टेशन पर रुके। 26 अप्रैल को रेलवे स्टेशन से गांव जाने के लिए कैलगुवां तिराहे पर पहुंचे तो राघवेंद्र को तिराहे पर बैठाकर उसने व सेवराज ने कैलगुवां हाइवे से शराब खरीदी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे दो व्यक्ति आए और भतीजे से शराब छीनने लगे। इसी दौरान एक युवक ने भतीजे के सीने और पेट में किसी नुकीली वस्तु से प्रहार कर दिये। इससे भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने दोनों को पकड़ने की कोशिश की। तब वे दोनों कब्रिस्तान की ओर भाग गए। 108 एंबुलेंस से घायल को अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। विवेचना में अफरोज पुत्र नबी बक्स निवासी चौबयाना व राजकुमार उर्फ राजा अहिरवार पुत्र गोकल अहिरवार निवासी भीमनगर नदीपुरा नाम प्रकाश में आए। जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। बृहस्पतिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने दोनों अभियुक्त अफरोज व राजकुमार को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अफरोज जमानत पर चल रहा था, जबकि राजकुमार जिला कारागार में निरुद्ध है। मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता कृष्णबिहारी कुशवाहा व जेष्ठ अभियोजन अधिकारी रामनरेश राजपूत ने की।