ललितपुर। निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने कहा कि सबको मानने वाला भटक सकता है। एक को जीवन में समग्र जानकार मानों तो जीवन का उद्धार हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़ी मुश्किल से मानव जीवन मिला है। इसको पाप कर्म में मत गवाओ। वह बृहस्पतिवार को जैन अटामंदिर में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे।
मुनि श्री ने कहा कि परिवार भाई बहन सब पुण्य से मिले हैं इसलिए गृहस्थ जीवन को पुण्य कार्य करके अपने जीवन को संवारना चाहिए। उन्होंने कहा ऐसा कर्म करो जिससे पुण्य का संचय हो और धर्म के मार्ग आगे बढ़ सके। प्रभु से कामना करो कि हमें अपने मां-बाप की कमाई न खाना पडे़। धर्मसभा का शुभारंभ आचार्य विद्यासागर महाराज के चित्र के अनावरण कर श्रेष्ठीजनों ने किया। पाद प्रक्षालन के बाद मुनि श्री को शास्त्र भेंट का पुर्ण्याजन किया। अटामंदिर में नवनिर्मित वेदिका शुद्धि एवं याज्ञमंडल विधान ब्रह्मचारी मनोज ने कराया। पाठशाला मंगलकलश की स्थापना का पुर्ण्याजन शिखरचंद अनौरा परिवार एवं मनीष जैन पूर्व पार्षद परिवार ने किया।
पडगाहन का मिला सौभाग्य
मुनि श्री के पडगाहन एवं आहारचर्या पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अटामंदिर से हुई जिसमें मुनि सुधासागर महाराज का पडगाहन कपूरचंद जैन प्रबंधक अटामंदिर परिवार, मुनि पूज्य सागर महाराज को पडगाहन धन्य कुमार परिवार,एलक धैर्यसागर महाराज को पडगाहन आलोक जैन परिवार एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज को पडगाहन वैभव जैन परिवार को मिला।
अभिनंदनोदय तीर्थ में कल होगी अखंड भक्ताम्मर पाठ की वर्षगांठ
अभिनंदनोदय तीर्थ में विगत 2012 से चल रहे अखंड भक्तांमर पाठ की वर्ष गांठ तीन दिसंबर को प्रभावना पूर्वक आयोजित की जाएगी। इसमें मुनि सुधासागर महाराज के सानिध्य में 48 मंडलीय विधान में भक्तजन भक्ति कर पुर्ण्याजन करेंगे। मंदिर प्रबंधक राजेंद्र जैन एवं मोदी पंकज जैन के अनुसार स्थापना के बाद यह पहला अवसर है जब मुनि श्री के सानिध्य में भक्तांमर विधान होगा जो अपने आप में अनूठा रहेगा।