ललितपुर। केंद्र सरकार भले ही देश से वर्ष 2025 में क्षय रोग (टीबी) से मुक्त होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन जिला अस्पताल में जांच ही नहीं हो पा रही है, तो क्षय रोग से मुक्ति कैसे मिलेगी? यहां पर बीस दिनों से बलगम की जांच के लिए मरीज परेशान हैं। जांच सेंटर पर ताला पड़ा हुआ है, ऐसे में जांच के लिए आ रहे मरीज बिना जांच के ही लौट रहे हैं। यहीं नहीं, वार्डों में भर्ती मरीजों तक की जांच नहीं हो पा रही है। कई लोग तीन चार दिन तक भटककर अन्य स्थानों पर जांच के लिए जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। कुछ बिना जांच के ही मर्ज से कराह रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने देश को 2025 में क्षय रोग से मुक्त होने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए अभियान चलाकर क्षय रोगियों को चिह्नित किया जा रहा है। मरीज चिह्नित होने पर तत्काल में ही उपचार शुरू कर दिया जाता है। दवा के नियमित सेवन की निगरानी के लिए आशाएं व अन्य माध्यम अपनाए जा रहे हैं। मरीजों से दूरभाष पर संपर्क कर स्वास्थ्य का हाल चाल लिया जाता है। इसके अलावा मरीज को दवाओं के साथ ही मरीज को पौष्टिक भोजन की भी जरूरत होती है। इसके लिए निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत पांच सौ रुपये दिए जाते हैं। जिला अस्पताल पुरुष में बना हुआ है। यहां पर अस्पताल प्रबंधन ने पैथोलॉजी में कर्मचारियों का पटल परिवर्तन किया। इससे क्षय रोग के कर्मी की नियुक्ति नहीं की। इससे अस्पताल में बलगम की जांच पूरी तरह से बंद हो गई है। ऐसे में क्षयरोगी भी चिह्नित नहीं हो पा रहे हैं। जबकि पूर्व में पैथोलॉजी में प्रतिदिन लगभग आठ से दस व्यक्ति बलगम की जांच कराने पहुंच रहे थे। लेकिन अब जांच न होने से लोग परेशान हो रहे हैं। हालत यह है कि बलगम की जांच कराने पहुंच रहे संदिग्ध लोग बिना सैंपल के ही वापस हो रहे हैं। यही नहीं अस्पताल में भर्ती मरीजों को तीन दिन तक जांच के लिए भटकना पड़ रहा है तो अन्य की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
पुत्री की हालत खराब होने पर जिला अस्पताल लाए थे, जहां पर चिकित्सकों ने भर्ती कर बलगम की जांच लिखी है। लेकिन तीन दिन बाद भी नमूना नहीं लिया जा सका है।- घनश्याम
मां को अधिक कमजोरी हो गई थी, जिसके उपचार को आने पर चिकित्सक ने जांच लिखी, जिसके लिए चार दिन से आ रहे हैं। अब तक सैंपल नहीं लिया गया है।- पल्लू
अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के पटल परिवर्तन किए गए हैं। इससे कुछ व्यवस्था ठीक नहीं हो पाई है। जल्द ही सभी जांचों को शुरू कराया जाएगा।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल