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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज में मिलेगी एमआरआई जांच की सुविधा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में जल्द ही एमआरआई जांच की सुविधा शुरू होगी। कॉलेज प्रशासन ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है, स्वीकृति मिलते ही मशीन स्थापित हो जाएगी। इससे मरीजों को एमआरआई जांच के लिए महानगरों में नहीं जाना होगा उन्हें निशुल्क जांच की सुविधा यहीं पर उपलब्ध हो जाएगी।

जनपद के मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांच की सुविधा तो है लेकिन एमआरआई जांच की सुविधा नहीं है। निजी एमआरआई जांच तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को झांसी व मध्यप्रदेश के ग्वालियर और भोपाल की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में निर्धन मरीजों के सामने आर्थिक संकट होने के चलते मस्तिष्क की सभी जांच, रीढ़ की हड्डी, जोड़ और हड्डियों की जांच, पेट, लिवर ट्यूमर, किडनी, पैंक्रियाज, आंतों की बीमारी, पित्त की नली, कैंसर, नसों और टिश्यू आदि की जांच नहीं हो पा रही है। स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ होने के बाद भी उपचार नहीं मिल पा रहा है।
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समस्या को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एमआरआई जांच के लिए मशीन व अन्य उपकरण लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उम्मीद है कि जल्द ही स्वीकृति मिल जाएगी। इसके साथ ही मशीन को स्थापित कर जांच शुरू कराई जाएगी। इससे मरीजों को जांच के लिए महानगरों की ओर रुख नहीं करना होगा। न ही वहां पर 7000 से 10 हजार रुपये तक खर्च नहीं करने होंगे। साथ ही समय पर जांच हो सकेगी।
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प्रतिदिन 12-15 मरीजों को है एमआरआई जांच की जरुरत
मेडिकल कॉलेज में संचालित विभिन्न विभागों में आने वाले मरीजों में से रोजाना 12-15 मरीजों को एमआरआई जांच की आवश्यकता होती है। ऐसे में इन मरीजों को जांच के लिए महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है। ऐसे में जांच सुविधा होने से प्रतिमाह 400 से 450 मरीजों को जांच की सुविधा मिल सकेगी।
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यह होंगी एमआरआई जांच
- मस्तिष्क की सभी जांच
- रीढ़ की हड्डी व हड्डियों की जांच
- मांसपेशियों की जांच
- ट्यूमर व शरीर के अंदरूनी अंगों की जांच
- पेट की जांच

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मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 12 से 15 मरीजों को एमआरआई जांच की आवश्यकता होती है। मरीजों को एमआरआई जांच के लिए बाहर न जान पड़े इसके लिए मेडिकल कॉलेज में ही सुविधा देने के लिए शासन से मांग की गई है। स्वीकृति मिलते ही सुविधा शुरू की जाएगी।
- डॉ. मयंक कुमार शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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