डोंगराखुर्द/अर्जुन खिरिया। वैश्विक महामारी कोराना से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अधिकांश लोग घरों में ही कैद हैं और जो बाहर से अपने गांव लौट रहे हैं, वह अमझराघाटी स्थित एमपी और यूपी बार्डर पर फंसे हुए हैं। सीमा पर अभी भी दो सौ से अधिक मजदूर फंसे हैं।
लॉकडाउन में सबसे ज्यादा उन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो परिवार के पालन पोषण की तलाश में अपने घर से दूर जाकर दूसरे प्रदेशों के महानगरों में मजदूरी करने गए थे। वह लॉकडाउन के कारण फंस गए हैं। यूपी सरकार ने अन्य प्रदेशों में फंसे हजारों मजदूरों को वापस बुला लिया है, फिर भी इस समय सैकड़ों की संख्या में मजदूर अन्य राज्यों की सीमा पर फंसे हैं। जिले के अमझरा घाटी सीमा पर कड़ी नाकाबंदी है। इस कारण पैदल या किसी वाहन से मजदूर घुस नहीं पा रहे हैं और उन्हें वापस लौटाया जा रहा है। ऐसे में मजदूर मध्य प्रदेश के मालथौन टोल प्लाजा के पास और अमझरा घाटी गोशाला के पास जंगल में रुके हुए हैं। इनके भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है।
आंध्रपदेश से आए चार मजदूर
आंध्र प्रदेश से चार मजदूर साइकिल से निकले, जिन्हें फतेहपुर जाना है। अमझरा घाटी गोशाला पहुंच गए, लेकिन इन्हें से पुलिस वापस लौटा दिया है।
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कई राज्यों से आए
देश के अन्य राज्यों से पलायन कर पैदल निकले मजदूरों में उत्तर प्रदेश के जालौन, झांसी, इलाहाबाद, रामपुर, गोरखपुर, अलीगढ़, फतेहपुर जा रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा यूपी सीमा में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह तेलंगाना, तमिलनाङु, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश के बैतूल, इटारसी, गुजरात के सूरत, आंध्र प्रदेश के हैदराबाद आदि राज्यों से आकर यहां फंस गए हैं।
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ट्रक वाले वसूल रहे मनमाना किराया
साधुर सिंह ने बताया कि हैदराबाद से ट्रक से बॉर्डर तक के चार लोगों से आठ हजार रुपये लिए हैं। वहां पर पेंटरी करने काम करते हैं और अब गोरखपुर जाना है।
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रास्ते में रुकने नहीं दिया
हैदराबाद से आए संजय ने बताया कि रास्ते में लोगों ने कहीं रुकने नहीं दिया और दूर से ही भगा दिया गया। किसी ने भी हम लोगों की बात नहीं सुनी है। आइसक्रीम का काम करते थे। रोज कमाकर खाते थे। दस दिन से लगातार पैदल चल कर आ रहे हैं, हरदोई जिला जाना है।
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पंद्रह दिन से पैदल चल रहे
रामखिलावन ने बताया कि दस लोग तमिलनाडु से 15 दिन से पैदल चल रहे हैं। अलीगढ़ तक जाना है। पैदल चलना भी मुश्किल भरा है। घर पर परिवार वाले घबरा रहे हैं।
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रात भर में फिर दो सौ संख्या
जिला प्रशासन द्वारा बुधवार को चार सौ लोगों को बसों द्वारा भिजवाजा गया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को शाम तक करीब दो सौ मजदूर फिर से हो इकट्ठे हो गए।
ट्रक से जा रहे मजदूर- फोटो : LALITPUR