ललितपुर। थाना गिरार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इकौना निवासी लक्ष्मी अपने पति और गांव के 13 लोगों के साथ मजदूरी का काम करने के लिए गुजरात जाने की तैयारी कर रही थी। सामान रखने के बारे में भी पूछा और पति से घर लौट आने की बात भी कही, इस दौरान पति ने कहा कि वह दो दिन और अपनी बहन के यहां आवास का काम करवा के वापस घहर लौटेगा।
थाना गिरार के ग्राम इकौना निवासी रामप्रकाश ने बताया कि वह अपनी पत्नी लक्ष्मी के साथ गुड़गांव में मजदूरी करता था। उसके दोनों बच्चे भी वहीं साथ में ही रहते थे। लॉकडाउन लगने के चलते वह बीते माह चार मई को ही अपने परिवार के साथ गांव लौटा था। इसके बाद मध्यप्रदेश के ग्राम सागर जिला अंतर्गत ग्राम बराटा बंडा के पास 19 मई को उसकी पत्नी की बहिन की शादी होने पर वह वहां भी गए और शादी में शामिल हुए। इसके बाद घर लौट आए और अबकी बार 13 जून को वह दोनों पति-पत्नी और गांव के 13 लोग गुजरात में काम करने के लिए जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान करीब चार दिन पहले ग्राम गदौरा में रहने वाली अपनी बहिन के यहां रामप्रकाश अपनी पत्नी की सहमति से ही आवास का काम कराने के लिए अपनी बहिन के घर चला गया। बीते रोज बुुधवार को उसकी पत्नी से उसकी फोन पर बात हुई और पत्नी ने गुजरात जाने की तैयारी के चलते जल्दी घर लौट आने की बात कही, लेकिन उसने कहा कि अभी और काम है, दो दिन बाद वह आ जाएगा। उसने बताया कि इसके बाद पत्नी ने उससे दाल, कपड़ा व अन्य समान रखने के बारे में भी बात की। उस दिन उसकी करीब दस मिनट तक बात होती रही। इसके बाद शाम को करीब चार बजे उसके मंझले भाई नवल ने बताया कि भाभी लकड़ी लेने बच्चों के साथ गई थी, जो अब तक नहीं आई है। इस पर रामप्रकाश अपने जीजा की मोटरसाइकिल लेकर जामनी बांध के रास्ते गांव लौट रहा था तो रास्ते में परिजन व ग्रामीण मिल गए और वह उनके साथ ही पत्नी व बच्चों की खोजबीन में जुट गया।
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बेटे का शव देखकर सहम गया पिता
पत्नी व बच्चों की खोजबीन के दौरान रात करीब ग्यारह बजे जब रामप्रकाश पानी में उतरा रहे बेटे के शव से हाथ टकराया तो वह एकदम से सहम गया और अपने कलेजे के टुकड़े का शव अपने हाथों से बाहर निकाला, लेकिन बेटी व पत्नी के नहीं मिलने पर रात भर उसी स्थान पर बैठा रहा और सुबह होने पर ग्रामीणों के साथ फिर से खोजबीन की।
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घटना की खबर पर पूरा गांव बांध पर पहुंच गया
महिला के फांसी लगाने और दोनों बच्चों के शव पानी में मिलने की जानकारी बृहस्पतिवार की सुबह पूरे गांव में आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में पूरे गांव के लोग बांध पर घटना स्थल पर पहुंच गए। लोगों ने मृतकों के परिजनों को सांत्वना दी। वहीं, इस घटना के बाद महिला व बच्चों के पड़ोस में दिन भर चूल्हा तक नहीं जला। सभी घटना को लेकर अपने-अपने कयास लगाते रहे। कोई मामले को संदिग्ध बताता रहा, तो कोई घरेलू कलह की बातें करता रहा।
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खराब पड़े हैं बांध के सीसीटीवी कैमरे
महिला व उसके दोनों बच्चों के शव मिलने पर जब पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने रोहिणी बांध पर लगे सीसीटीवी कैमरों को देखने का प्रयास किया, तो सभी सीसीटीवी कैमरे खराब थे। इसके साथ ही यहां लगे सोलर सिस्टम, बैटरी सब खराब पड़े थे। यदि यह सीसीटीवी कैमरे ठीक होते तो महिला व उसके दोनों बच्चों की मौत की वास्तविक वजह भी संदिग्ध नहीं रहती और पुलिस को भी जांच में आसानी होती।
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घटना के संबंध में मौके पर ग्रामीण से पूछताछ करते थानाध्यक्ष व सीओ।- फोटो : LALITPUR
मृतका लक्ष्मी के शव को उठाते ग्रामीण व मौके पर मौजूद एसडीएम व पुलिस कर्मचारी।- फोटो : LALITPUR