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Lalitpur News: नहर और खाली प्लॉटों में पनप रहे मच्छर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। डेंगू के दस्तक देने के बाद भी खाली प्लॉटों व नहर में सड़ रहे पानी में पनप रहे मच्छरों की रोकथाम के लिए विभाग अलर्ट नजर नहीं आ रहा है। नगर पालिका और नगर पंचायतें फॉगिंग का दावा तो कर रही हैं, लेकिन उसका असर शहर में दिख नहीं रहा है। कई नालियां कूड़ा-कचरा से चोक हो रही हैं, जिनमें पानी भरा होने से मच्छर पनप रहे हैं।
सोमवार को कई बस्तियों का अमर उजाला की टीम ने जायजा लिया तो लोगों का कहना था कि गत वर्ष के मुकाबले इस साल मच्छर अधिक परेशान कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष यहां 170 लोग डेंगू से ग्रसित मिले थे। इस माह में पांच मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जानकारों का कहना है कि मानसून के सीजन में इसमें तेजी से बढ़ोतरी की आशंका रहती है। ऐसे में जब अभी यह हाल है तो आगे क्या होगा। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने प्रत्येक वार्ड में नियमित फॉगिंग के आदेश दिए थे। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग, निकाय व ग्राम पंचायतें इस वायरस को लेकर सक्रिय दिखाई नहीं दे रही हैं।
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शहर के बीचों बीच से निकली नहर बनी मच्छरों की जन्मस्थली: गोविंदसागर बांध की बायीं नहर शहर के बीचों बीच से निकली है। इसमें घरों से निकला गंदा पानी जमा है। ऐसे में यह जानलेवा बीमारियां फैलाने वाले मच्छरों की जन्मस्थली बनी है। इसकी सफाई व इसमें दवा छिड़काव का कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
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खाली प्लॉटों में जमा पानी हो सकता खतरनाक :
शहर के खाली प्लॉटों में पानी जमा है। यहां गंदगी का अंबार लगा होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं, जो काफी खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन, नगर पालिका इन खाली प्लॉटों को साफ कराने व इनमें दवा का छिड़काव करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

हैंडपंपों के पास भी जलजमाव:
शहर के कई स्थानों पर हैंडपंप के आसपास भी जलजमाव है, इससे मच्छर पनप रहे हैं। साथ ही हैंडपंप का पानी भी दूषित होने की आशंका है।
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तीन सालों में डेंगू का आंकड़ा
वर्ष- मरीजों की संख्या
2022- 22
2023-170
2024- 05 अभी तक
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