जेल में बंद ज्ञानेंद्र ढाका के पास मिला मोबाइल फोन, रिपोर्ट दर्ज
जेल से फोन करके बागपत के स्कूल संचालक से मांगी थी 20 लाख की रंगदारी
ऑडियो वायरल होने के बाद डीएम-एसपी ने किया जेल का निरीक्षण
हत्यारोपी ढाका को जून माह में बागपत से भेजा गया था ललितपुर जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला कारागार ललितपुर में बागपत से लाए गए बंदी ज्ञानेंद्र ढाका द्वारा जेल से फोन कर रंगदारी मांगने और बंदियों के दो गुटों में मारपीट की सूचना पर बृहस्पतिवार को डीएम सत्यप्रकाश और एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने दल-बल सहित जेल पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान बंदी ज्ञानेंद्र ढाका के पास से मोबाइल फोन, एक स्टील की चम्मच और अन्य सामग्री बरामद की गई। प्रभारी जेल अधीक्षक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने ढाका के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बागपत जनपद के ग्राम भड़ल निवासी कृष्णपाल राणा की तहरीर पर बंदी ज्ञानेंद्र ढाका के खिलाफ बागपत थाना दोघट में रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, चार नवंबर की रात करीब 12:41 बजे कृष्णपाल के मोबाइल पर ज्ञानेंद्र का फोन आया, जिसमें उसने गाली-गलौज करते हुए रुपये की मांग की और मना करने पर जान से मारने की धमकी दी। कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी वायरल हुई थी।
रंगदारी मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी बृहस्पतिवार की सुबह जेल पहुंचे। अधिकारियों की टीम ने करीब तीन घंटे तक जेल परिसर का गहन निरीक्षण किया और बंदियों से पूछताछ की।
जांच के दौरान पाया गया कि बंदी ज्ञानेंद्र ने अपने करीब 15 साथियों के साथ मिलकर अन्य बंदियों से मारपीट की थी। उसके पास से मोबाइल फोन ,एक चम्मच और अन्य सामग्री भी मिली। इन सामग्रियों को प्रशासन व पुलिस की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया है।
चार माह पूर्व लाया गया था बंदी
ज्ञानेंद्र ढाका हत्या के मामले में बागपत जेल में निरुद्ध था। प्रशासनिक आधार पर 25 जून को उसे ललितपुर जेल भेजा गया था। सूत्रों के अनुसार, वह अन्य बंदियों पर रौब जमाता था और जेल में अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल था।
सिम कार्ड पहुंचाने वाले तक पहुंची पुलिस
मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की कि मोबाइल और सिम जेल के भीतर कैसे पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने उस व्यक्ति की पहचान कर ली है जिसने बंदी तक सिम पहुंचाई थी। वह ललितपुर जनपद का ही रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि जेल में नशीले पदार्थ किस तरह और किसके माध्यम से पहुंचते हैं।
पहले भी जेल में मिली थीं प्रतिबंधित वस्तुएं
जिला कारागार में प्रतिबंधित वस्तुएं मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व 1 जून को निरीक्षण के दौरान बलरामपुर के पूर्व सांसद रिजवान जहीर की बैरक में ब्रांडेड खाद्य सामग्री, महंगा गद्दा, पंखा और तकिए के नीचे 30,000 रुपये की नकदी बरामद हुई थी। इस मामले में जेल अधीक्षक समेत पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया था।
वर्जन
जांच के दौरान बंदी के पास मोबाइल फोन और स्टील की चम्मच सहित अन्य वस्तुएं बरामद हुई हैं। बंदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जेल में मारपीट की घटना की भी जांच की जा रही है। जेल के भीतर मोबाइल और सिम पहुंचाने वालों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। - मोहम्मद मुश्ताक, एसपी