संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। क्षयरोगियों के उपचार की सुविधाएं दम तोड़ रही हैं। टीबी मरीजों की जांच के लिए मोबाइल सीबी नॉट वैन बना हुआ है। हालत यह है कि आने के बाद से ही इससे एक भी मरीज की जांच नहीं हो सकी है। देश को वर्ष 2025 तक क्षय रोग से मुक्ति के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। टीमों का गठन कर रोगियों को चिह्नित करने के लिए टीमें लगाईं गईं हैं। जो घर-घर जाकर परिवारों के सदस्यों की स्क्रीनिंग कर लक्षण खोज रही हैं।
2022 में मिली मोबाइल सीबी नॉट वैन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र व चिह्नित क्षेत्र में पहुंच कर संदिग्ध टीबी के मरीजों की जांच करना था। इसके साथ ही क्षय रोग के साधारण मरीजों में दवाइयों के सेवन का असर भी जानना था। लेकिन, मशीन आने से अब तक लगभग डेढ़ वर्ष का समय बीत गया है, अब तक एक भी मरीज चिह्नित नहीं किया जा सका है। चिह्नित ही नहीं किसी भी मरीज में दवा असर की भी जांच नहीं हो सकी है।
मोबाइल सीबी नॉट वैन खराब पड़ी है। इसकी मरम्मत कर सुधार के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। इसके स्टॉफ के छोड़कर जाने की जानकारी के लिए मुख्यालय पत्राचार किया गया है।
- डॉ. आरएन सोनी, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी/ जिला क्षयरोग अधिकारी