ललितपुर। विकास खंड मड़ावरा के रमगढा में मनरेगा में हुए घपले के मामले में प्रशासन ने ग्राम पंचायत अधिकारी कमलेश रिछारिया को निलंबित कर दिया। साथ ही ग्राम प्रधान तुलसी को पद से हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह बुंदेला ने ग्राम पंचायत रमगढा में मनरेगा के तहत की जा रही धांधली की शिकायत प्रशासन से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने 11 जुलाई को सहायक अभियंता की एक जांच टीम गठित की। सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग नवनीत सिंह व सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग शाश्वत राज ने 9 सितंबर को सीडीओ को रिपोर्ट सौंपी। जिसमें ग्राम प्रधान तुलसी, तकनीकि सहायक परशुराम कोरी, ग्राम पंचायत सचिव कमलेश रिछारिया द्वारा की गई टेंडर प्रक्रिया को संदेहस्पद बताया। इसके साथ मेड़ बंधी कार्य, साइन बोर्ड का अनियमित भुगतान और खेत पर तालाब निर्माण में बिना कार्य कराए धनराशि का भुगतान करना पाया गया। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर सीडीओ ने 17 सितंबर को सचिव व ग्राम प्रधान से स्पष्टीकरण तलब किया।
जवाब प्राप्त न होने पर 28 सितंबर को पुन: दोनों को स्मृति पत्र भेजा गया। लेकिन फिर भी जवाब नहीं दिया गया। इस पर सीडीओ ने कार्रवाई आख्या जिलाधिकारी को भेजी। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव कमलेश रिछारिया को निलंबित करने और ग्राम प्रधान तुलसी को हटाने की कार्रवाई करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई जिलाधिकारी के स्तर पर शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं फर्जीवाड़े में शामिल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
यह किया गया फर्जीवाड़ा
तहसील मड़ावरा के ग्राम रमगढा में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने मनरेगा के तहत कराए काम में दो लाख 52 हजार 696 रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। जिसमें जालिम पुत्र सुंदर के खेत पर मेड़ बंधी कार्य पर एक लाख 61 हजार 160 रुपये, साइन बोर्ड के तीन हजार रुपये का अनियमित भुगतान और सोमेश पुत्र हीरालाल के खेत पर तालाब निर्माण पर बिना कार्य कराए 88 हजार 556 रुपये का भुगतान किया है।
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रमगढा में मनरेगा कार्य में धांधली की शिकायत पर जांच कराई गई। जिसमें ग्राम पंचायत सचिव व ग्राम प्रधान दोषी पाए गए। जिलाधिकारी द्वारा सचिव को निलंबित कर दिया है। ग्राम प्रधान पर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। भ्रष्टाचारियों को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अनिल कुमार पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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