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Lalitpur News: कोई तो विधायक जी को याद दिलाओ...निधि का खूब पैसा पड़ा है.. इसे पब्लिक हित में लगाओ

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झांसी। विधायक व्यस्त हैं। कभी अपने विधानसभा क्षेत्र में दौरा कर रहे हैं तो कभी हो रही है लखनऊ तक की दौड़। ऐसे में हो सकता है कि इन्हें अपनी विधायक निधि का हिसाब-किताब न पता हो। क्योंकि अगर मालूम होता तो इनकी निधि का इतना पैसा खातों में ही न पड़ा रह जाता। वह भी तब जब झांसी वाले पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। 1500 से ज्यादा हैंडपंप खराब हैं। सड़कें टूटी पड़ी हैं। कई गांवों में लकड़ी की बल्लियों पर बिजली की लाइन खिंची हुई है। अगर विधायक अपनी निधि का कुछ हिस्सा भी यहां खर्च कर दें तो काफी हद तक लोगों को राहत मिल सकती है। सरकार विकास कार्य कराने के लिए एमएलसी और विधायकों को तीन-तीन करोड़ रुपये सालाना निधि देती है। निधि को खर्च करने के लिए जनप्रतिनिधि जिला ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग को समय-समय पर प्रस्ताव देते हैं। इस निधि को साल भर में विधायकों और एमएलसी को खर्च करना होता है। मगर वित्तीय वर्ष समाप्त होने वाला है और कई जनप्रतिनिधियों की निधि के खाते में पैसा पड़ा हुआ है। विभागीय आंकड़ों को देखें तो विधान परिषद के सभापति और एमएलसी कुंवर मानवेंद्र सिंह 87.73 लाख रुपये खर्च नहीं कर पाए हैं। निधि खर्च करने में कंजूसी बरतने के मामले में दूसरा नंबर मऊरानीपुर सीट से अपना दल-एस की विधायक रश्मि आर्य और तीसरा नंबर गरौठा से बीजेपी विधायक जवाहर लाल राजपूत का आता है। विधायक जहां 83.93 लाख तो गरौठा विधायक निधि का 82.15 लाख रुपये अब तक खर्च नहीं कर पाए हैं। चौथे नंबर पर भाजपा एमएलसी रमा निरंजन हैं, जिनकी निधि के खाते में 34.79 लाख रुपये पड़ा हुआ है। इसके अलावा सदर विधायक रवि शर्मा भी 23.26 लाख रुपये खर्च नहीं कर पाए हैं। निधि खर्च करने के मामले में बबीना से भाजपा विधायक राजीव सिंह पारीछा और सपा एमएलसी मान सिंह यादव आगे रहे हैं।
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निधि से ये कार्य करा सकते माननीय
हैंडपंपों की स्थापना, ग्रामीण सड़कों के लिए छोटे पुलों अथवा पुलियों का निर्माण, सिंचाई योजनाओं, दूरदराज व ग्रामीण क्षेत्रों में बचे हुए घरों का विद्युतीकरण, स्कूल भवनों की मरम्मत और स्कूलों में खेल मैदानों का निर्माण, पंचायतों व शहरी निकायों में व्यायामशाला का निर्माण, शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की मरम्मत पर खर्च कर सकते हैं। इसके अलावा विधायक अथवा एमएलसी निर्माण कार्यों के साथ-साथ अन्य लोक कल्याणकारी योजनाएं जैसे कि स्कूलों में बच्चों के बैठने का सामान, स्कूलों में खेल सामग्री, अस्पतालों में बिस्तर और कंबल आदि पर खर्च किया जा सकता है।

विधायक, एमएलसी का नाम निधि बकाया
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मानवेंद्र सिंह 87.73 लाख
रश्मि आर्य 83.93 लाख
जवाहर लाल राजपूत 82.15 लाख
रमा निरंजन 34.79 लाख
रवि शर्मा 23.26 लाख
मान सिंह यादव 6.10 लाख
राजीव सिंह पारीछा 2.59 लाख


ये बोले माननीय
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निधि का सिर्फ चार लाख रुपये बचा है। वो भी आकस्मिक स्थिति में आने वाले असाध्य समेत विभिन्न बीमारियों के मरीजों के लिए। बाकी, पूरे पैसे का विकास कार्य कराने के लिए प्रस्ताव दिया जा चुका है। हो सकता है कि विभागों की तरफ से एस्टीमेट देने में देरी हो रही हो। - रवि शर्मा, सदर विधायक।
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मेरी विधानसभा में सबसे ज्यादा जरूरत सड़कों की है। इसलिए ज्यादातर पैसा सड़कों के निर्माण अथवा एपेक्स डलवाने में खर्च किया गया है। साथ ही पेयजल, बिजली, पुलिया निर्माण समेत विभिन्न विकास कार्यों पर निधि का पैसा लगाया है। - राजीव सिंह पारीछा, बबीना विधायक।
निधि के पूरे पैसे के प्रस्ताव मेरी तरफ से दिए जा चुके हैं। विभाग ही एस्टीमेट नहीं दे पा रहे होंगे। सबसे ज्यादा लेटलतीफी विद्युत विभाग की तरफ से हो रही है। इस मामले में अधिकारियों से बात की जाएगी। क्षेत्र के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। - जवाहर राजपूत, गरौठा विधायक।





सभी विधायकों और एमएलसी ने निधि खर्च करने के लिए प्रस्ताव दे दिए हैं। ये प्रास्ताव पाइप लाइन में हैं। कार्यदायी संस्था का आवंटन किया जा रहा है। ऐसे में सभी की निधि पूरी खर्च हो जाएगी। - सुनील कुमार, परियोजना निदेशक।
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