ललितपुर। त्योहारों के नजदीक आते ही मिलावटी खाद्य पदार्थों की खेप भी बाजार में जमने लगती है। ऐसे में देशी घी भी अछूूता नहीं रहा। नवरात्र और दशहरा के दौरान देशी घी की मांग बढ़ जाती है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कारोबारी इसमें मिलावट करने लगते हैं। ताकि त्योहारों पर इसकी खपत की जा सके। खाद्य विभाग के अफसर इस मामले में चुप्पी साधे हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।
शहर के प्रबुद्ध बताते हैं कि मिलावटी देशी घी तैयार करने के लिए 40 प्रतिशत रिफाइंड ऑयल और 60 प्रतिशत वनस्पति ऑयल को मिलाते हैं। इसके अलावा उबला हुआ आलू और कोलतार डाई का भी प्रयोग किया जाता है। इसे वनस्पति से ही तैयार करते हैं क्योंकि यह दानेदार होता है। देशी घी जिले में वनस्पति और रिफाइंड आयल से खुशबूदार बनाया जा रहा है। जिसे प्रयोग करने पर शुद्ध घी की तरह खुशबू तो देता है। लेकिन इसमें होने वाली मिलावट आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक भी हो सकती है।
बाजार मे त्योहार आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, इनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। देशी घी में वनस्पति घी और रिफाइंड की मिलावट होने पर इसके सेवन से हार्ट को समसया है। हार्ट और शुगर के मरीजों को मिलावटी घी से ज्यादा नुकसान होता है। - डॉ प्रबल सक्सेना
बाजार में नकली देशी घी की बिक्री जोरों पर है। नकली देशी घी लोगों के पेट तथा फेफड़ों के साथ साथ हृदय पर बुरा असर डालता है। इसका सेवन करने से दमा खांसी जैसी अनेकों बीमारियां जन्म ले सकती हैं। - मनमोहन चौबे
बाजार से देशी घी खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर जरुर ध्यान दें। मिलावटी देशी घी के संवन से फूड पॉइजन के साथ- साथ पेट की अनेक बीमारियां हो सकती हैं। - डॉ अमित चतुर्वेदी, जिला चिकित्सा अधीक्षक
ऐसे कर सकते हैं पहचान
एक कटोरी में एक चम्मच घी में चार बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड और एक चुटकी चीनी मिलाने पर यदि घी का रंग चटक लाल हो जाए तो घी में डालडा मिलाया गया है। एक चम्मच घी में चार से पांच बूंद आयोडीन मिलाएं, घी का रंग नीला पड़े तो उबला हुआ आलू मिलाया गया गया। एक चम्मच घी में दो एमएल हाइड्रो क्लोरिक एसिड डालने पर घी लाल हो जाए तो कोलतार डाई का प्रयोग किया गया है। थोड़ा सा घी लेकर हथेली के पीछे भाग में रगड़े यदि 25 मिनट में ही घी की सुगंध चली जाए तो मिलावटी घी होगा।
त्योहार आने वाले हैं, अब लगातार बाजार में छापामारी की जाएगी। कुछ दिनों पूर्व दो दुकानों से देशी घी के सैंपल लिए गए थे, जिनकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है। अगर बाजार में किसी भी दुकानदार द्वारा देशी घी में मिलावट की जाएगी तो उस पर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - विनय कुमार, अभिहित अधिकारी