ललितपुर। सोमवार को प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना व मुस्कुराएगा इंडिया पहल के संयुक्त तत्वावधान में नेहरू महाविद्यालय में वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य डा. अवधेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में महिला सशक्तीकरण का मुद्दा महत्वपूर्ण है। देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के क्षेत्र में लगातार प्रगति हो रही है, इसके मुकाबले महिलाओं की स्थिति उतनी संतोषजनक दिखाई नहीं दे रही है। आज महिलाओं को आर्थिक रुप से आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है।
मुस्कुराएगा इंडिया के काउंसलर डा. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण में समाज की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। देश की समग्र प्रगति तब तक नहीं हो सकती, जब तक राजनीति से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में वहां की महिलाएं सशक्त बनकर नहीं उभरी हों। महिलाओं को आर्थिक रुप से निर्भर बनाने की जरूरत है। डा. सुभाष चंद्र जैन ने कहा असमान लिंग अनुपात, भेदभाव, हिंसा, कुपोषण और महिलाओं में बीमारियों की अधिकता जैसे कई सवाल महिलाओं के जीवन को प्रभावित करते हैं। खेती, उद्योग, खनन और अन्य क्षेत्रों से जुड़े कार्यों में महिलाओं को पुरुषों की अपेक्षा बेहद कम पारिश्रमिक मिलता है। बड़ी विडंबना यह है कि महिलाएं जो अपने घर-परिवार में खेती-बाड़ी, पशुपालन और अन्य घरेलू कामों में दिन-रात लगी रहती हैं, उनके इस परिश्रम की कोई भी कीमत नहीं आंकी जाती और न ही उन्हें इस काम का श्रेय मिलता है। परिवार और समाज सकारात्मक सोच के साथ आगे नहीं बढ़ेगा, तब तक महिलाओं के विकास और सशक्तीकरण की बातें करना महज एक कल्पना ही होगी। डा. राजेश कुमार तिवारी ने कहा कि समाज में प्रत्येक पुरुष और महिला को संविधान द्वारा समान तौर पर समस्त मूलभूत अधिकार दिए गए हैं, लेकिन फिर भी किसी न किसी रूप में सामाजिक रूढ़िवादी मान्यताओं और विषमताओं के कारण महिलाएं अपने अधिकारों से वंचित रह जाती हैं। इस दौरान डा. सूबेदार यादव, डा. ओपी चौधरी, डा. उषा तिवारी, डा. पराग अग्रवाल, शिवानी राजा, कीर्ति मिश्रा, प्रीति जैन, पूजा रैकवार, शिवानी नामदेव, सविता कुशवाहा, वंशिका कौशिक, सुकन्या राजपूत मौजूद रहे।