ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में वास्तविक छात्र संख्या से अधिक उपस्थिति दर्शाकर मिड-डेे मील का भुगतान करने की स्थिति में विभागीय अफसर नपेंगे। मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने विद्यालयों का सघन निरीक्षण करने के निर्देश बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को दिए हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना के साथ खिलवाड़ हो रहा है। तमाम विद्यालयों में बच्चों की वास्तविक से ज्यादा उपस्थिति दर्शाई जा रही है। इन शिकायतों को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक श्रद्धा मिश्रा ने गंभीरता से लेते हुए डीएम, जिला विद्यालय निरीक्षक व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया कि परिषदीय विद्यालयों में छात्र- छात्राओं की उपस्थिति केे आधार पर ही मिड-डे मील का वितरण और भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
यदि किसी जनपद में वास्तविक से ज्यादा बच्चों की उपस्थिति दर्शाकर मिड-डे मील का भुगतान किए जाने की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक के विरुद्घ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी जनपद से निरीक्षण में ज्यादा उपस्थिति दर्शाने का मामला संज्ञान में आता है तो प्राधिकरण के अधिकारियों से इसका परीक्षण कराया जाएगा। प्राधिकरण ने विद्यालयों के सघन निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
आडिट टीम ने खोला मामला
महालेखा परीक्षा इलाहाबाद की आडिट टीम ने मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को कई जिलों की रिपोर्ट उपलब्ध कराई हैं, जिसमें बच्चों की उपस्थिति बढ़ा-चढाकर दर्शाने का उल्लेख किया गया है। इसके बाद मध्याह्न भोजन प्राधिकरण हरकत में आया है।
एक से अधिक विद्यालयों में दर्ज हैं छात्र-छात्राओं के नाम
न केवल फर्जी उपस्थिति का मामला उजागर हुआ है, बल्कि एक ही छात्र-छात्रा का नाम एक से अधिक विद्यालयों में दर्ज है। इससे परिषदीय विद्यालयों के संचालन की हकीकत सामने आ गई है।
15 दिसंबर तक संकलित होंगी आख्याएं
सघन अभियान चलाकर विद्यालयों के निरीक्षण होंगे। इसके बाद 15 दिसंबर तक मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) मंडलवार संकलित आख्याएं राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान, मध्याह्न भोजन प्राधिकरण लखनऊ और निदेशक बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेेश को भेजेंगे।