तालबेहट (ललितपुर)। बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने के बावजूद नीचे के क्षेत्र की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए माताटीला बांध के दो गेटों को खोला गया।
इस बार बारिश कम होने से बांध में भी पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं है। बांध से निकलने वाले पानी से डाउन स्टीम की ओर नहरें के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पानी और बिजली का उत्पादन किया जाता है। बांध में पानी के निर्धारण की क्षमता 22.6 टीएमसी है, जिसके सापेक्ष बांध में इस समय मात्र 16 टीएमसी पानी है।
विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देश पर 12 अक्टूबर को एक गेट को दो फीट तक खोलकर पांच हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई। परन्तु 14 अक्टूबर को सांयकाल एक और गेट को दो फीट खोलकर लगभग सात हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई।
इस संबंध में जब बांध की देखरेख करने वाले अवर अभियंता जीके मौर्या से जानकारी ली तो उनका कहना था कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बांध से जलनिकासी रबी की फसल की सिंचाई के लिए की जा रही है। उनके अनुसार पहले जल विद्युत उत्पादन गृह की टरबाईन चलाने के लिए पानी निकाला जा रहा था, जो सिंचाई की दृष्टि से काफी कम था। इस लिए बांध से गेटों को खोलकर पानी की निकासी की जा रही है।
इस संबंध में जब जल विद्युत उत्पादन गृह माताटीला के अधिशाषी अभियंता महेश कुमार गौतम से जानकारी ली तो उनका कहना था कि तीन में से दो टरबाईनों इस समय विद्युत का उत्पादन कर रही है।