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Lalitpur News: धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का मास्टर माइंड गिरफ्तार

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ललितपुर। चिटफंड कंपनी बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह साथियों के साथ मिलकर लोगों को कम समय में अमीर बनाने का लालच देकर कंपनी में निवेश कराता था। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
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जनपद में चिटफंड कंपनी एलयूसीसी बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करते हुए करोड़ों रुपये जमा करवाकर हड़प कर लिए थे। पुलिस ने जिले के कई थानों में चिटफंड कंपनी से जुड़े आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए थे। एसपी ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। चिटफंड कंपनी के मास्टर माइंड रविशंकर तिवारी, आलोक जैन और सुरेंद्र पाल सिंह की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस टीमें वांछितों की गिरफ्तारी के लिए जुट गई थी। रविवार को पुलिस टीमों ने आलोक जैन उर्फ आलोक कुमार जैन पुत्र कैलाश चंद्र जैन निवासी आकाश होटल के पीछे सिविल लाइन को थाना कोतवाली ललितपुर परिसर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से चिटफंड कंपनी से जुड़े दस्तावेज भी बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले ललितपुर में खोखा रखकर पुराने बारदाना की खरीद-फरोख्त करने का काम करता था। वह कई कंपनियों से जुड़ा रहा और लोगों का रुपये जमा करवाया। उसे अच्छा कमीशन मिलने लगा, जिससे उसका लालच बढ़ गया। वर्ष 2016 में समीर अग्रवाल, रविशंकर तिवारी व उसके गिरोह के कुछ अन्य सहयोगियों ने मिलकर एलयूसीसी नाम से फर्जी चिटफंड कंपनी बनाई। इसके जरिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। लोगों को लालच देकर जोड़ना शुरू किया। अपना प्रभाव बनाने के लिए गुडलक कॉम्पलेक्स तुवन मंदिर के पास ललितपुर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कार्यालय स्थापित किया। यूपी के 30 जिलों सहित मध्य प्रदेश में भी कार्यालय खोले। लोगों से धोखाधड़ी करके पैसा जमा करवाने लगे। कंपनी से करीब 18000 लोगों को जोड़ा था और इन लोगों से करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश करवाया है। ऐसे ही कंपनी के अन्य लोगों ने भी हजारों लोगो का करोड़ों रुपये निवेश करवाया है। इसके एवज में उसे प्रतिमाह करीब आठ से 10 लाख रुपये कमीशन मिलता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

पकड़ में न आ आएं, इसलिए बदलते थे कंपनी का नाम
आरोपी आलोक जैन ने बताया कि उनकी कंपनी में कई राज्यों के हजारों लोग जुड़े हैं। पकड़ में न आएं, इसलिए कंपनी का नाम और कार्यालय लगातार बदलते रहते थे। जब भी कोई शिकायत करता है तो उसका रुपये वापस देकर वह लोग आसानी से बच जाते थे।
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हवाला के जरिए भिजवाते थे कैश
आलोक जैन ने बताया कि चिटफंड कंपनी में जमा करने वाले लोगों के रुपये को वह लोग कैश यानी नकद के रूप में लेते थे। हवाला के माध्यम से ये पैसा चिटफंड कंपनी गिरोह के मुख्य संचालक समीर अग्रवाल के कहने पर अलग-अलग जगहों पर पहुंचाते थे।

इस टीम को मिली सफलता
वांछित को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र मिश्रा, निरीक्षक नरेंद्र सिंह, जनार्दन सिंह, साइबर क्राइम थाना में तैनात निरीक्षक शावेज खान, उपनिरीक्षक गौतम पुनिया, सिपाही पवन कुमार सहित स्वाट और सर्विलांस टीम शामिल रही।

चिटफंड कंपनी बनाकर षडयंत्र पूर्वक कूटरचित दस्तावेज तैयार कर हजारों करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के ईनामी वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास से चिटफंड कपंनी से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुआ है। इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस अधीक्षक
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