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खुले में फेंका जा रहा विवाह घरों का बचा भोजन

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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। होटल संचालक व विवाह घर संचालकों पर कार्यक्रम के बाद बचे-खुचे भोजन को खुले में नहीं फेंकने के आदेश हवाहवाई साबित हो रहे हैं। रविवार को एक लोडिंग टैक्सी में भरकर बड़ी मात्रा में पनीर की सब्जी को मुहल्ला रामनगर स्थित डंपिंग स्थल पर फेंका गया है। ऐसे में छुट्टा जानवरों की मौत दूषित भोजन खाने से होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।
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सहालग के दिनों में होटल संचालक/ बरात घर संचालक एक बार फिर बेपरवाह हो गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी के आदेश हवा में उड़ा दिए हैं। इसका ताजा उदाहरण रविवार को डंपिंग स्थल पर फेंकी गई पनीर की सब्जी है। दोपहर में एक लोडिंग टैक्सी रामनगर में पहुंची। यहां चालक टैक्सी से पनीर की सब्जी को फेंकना लगा। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने खुले में सब्जी फेंकने पर ऐतराज जताया। इसकी सूचना सफाई कर्मियों को दी गई। तब जाकर टैक्सी चालक गड्ढा खुदवाने के लिए तैयार हुआ। ऐसा नहीं कि यह कोई पहली घटना हो, इससे पहले भी लोग बचा खुचा खाना खुले में फेंक रहे हैं।
कुछ दिनों पहले मुहल्ला डोंडाघाट में खुले में पड़े भोजन खाने से कई गोवंश की मृत्यु हो गई थी, जिसे संज्ञान में लेकर डीएम मानवेंद्र सिंह ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी। यही नहीं, उन्होंने 16 विवाह घर संचालक/होटल मालिकों की बैठक की थी। उन्होंने होटल संचालकों/विवाहघर मालिकों को निर्देश दिये थे कि वह विवाह घरों में होने वाले सामूहिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक के प्लेट एवं गिलास के प्रयोग पर रोक लगाएं साथ ही थर्माकॉल के प्लेट्स, गिलास आदि के प्रयोग को भी प्रतिबंधित करें। प्लास्टिक के स्थान पर मिट्टी से बने हुए कुल्लड़ों का प्रयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए थे कि कोई होटल संचालक या बरात घर संचालक कार्यक्रम के बाद बचे-खुचे भोजन को खुले में फेंकता है तो उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देशित किया था कि वे ऐसे होटल संचालकों का चिह्नीकरण करें जो अवशेष भोजन को खुले में फेंक देते हैं। कार्यक्रम के पश्चात खराब हो चुके अवशेष भोजन को जमीन में गड्ढा खोदकर खाद के रुप में परिवर्तित कर उपयोग में लाया जाए और भोजन खाने योग्य होने पर उसे गरीबों में वितरित कराया जाए। पूड़ियों को सुखाकर उनका प्रयोग गौवंश के लिए भोजन के रूप में किया जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि यदि कोई व्यक्ति वैवाहिक कार्यक्रमों में प्लास्टिक के प्लेट आदि का उपयोग मना करने के बाद भी करता है, तो उसकी सूचना दी जाए, जिससे उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
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अधिकतर बरात घर स्वच्छता का ध्यान नहीं रख रहे हैं। जिलाधिकारी ने बैठक में जो आदेश दिए थे, उनका भी पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसे में जानवरों की मौत दूषित खाना खाने से हो जाए, इससे इंकार नहीं किया जा सकता है। बीते माह डोंडाघाट में कई जानवरों की मौत हो गई थी। ऐसी ही एक घटना मंडी स्थल में भी चुकी है। इसके बाद भी संचालक नियमों का पालन नहीं करते हैं।  मुहल्ला रामनगर में डंपिंग स्थल से सटकर लोगों के मकान बन गए हैं। ऐसे में यहां से डंपिंग स्थल हटाना जरूरी हो गया है। यहां फेंक रहे कूड़ा की दुर्गंध आसपास रहने वाले लोगों को परेशान करती है। इसके अलावा दूषित खाना फेंकना जानवरों की मौत को आमंत्रण देना है। जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में मौन बने हुए हैं।
- धीरज कुशवाहा
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.......पनीर की सब्जी जानवरों के लिए नुकसानदायक है। यदि कोई पनीर की सब्जी को खुले में फेंक रहा है तो उसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी
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