ललितपुर। हजरत बाबा सदनशाह रहमत उल्ला अलैह का 98 वां सालाना उर्स इत्जिमाई शादियों के साथ संपन्न हो गया। उर्स के आखिरी दिन पेश इमाम ने मुस्लिम रीति रिवाज से 61 मुस्लिम जोड़ों के निकाह कराए। नये जोड़ों ने ‘कुबूल है-कुबूल’ है कहा तो तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सभी ने नए जोड़ों की सफल जिंदगी की दुआएं दी।
इज्तिमाई शादियों के लिए पंजीकृत जोड़े अपने रिश्तेदारों के साथ मौजूद थे। इस दौरान 61 जोड़ों का मुस्लिम शरीअत के अनुसार निकाह कराया गया। दोनों पक्षों की रजामंदी के लिए काजियों ने निकाह की कुबूल बंदी करा ली थी। जैसे ही लड़की पक्ष की ओर से कुबूल की आवाज सुनाई दी और मेहर के अलावा अन्य परंपरागत विवाह की तैयारियां शुरू हो गईं। दरगाह परिसर में नए जोड़ों तथा उनके नए जीवन को खुशामदीद कहने के लिए आए रिश्तेदारों का मजमा लगा रहा। हालांकि, शादियां सादगी से मनाने के लिए उर्स कमेटी ने पहले ही हिदायत दे रखी थी, लेकिन इन यादगार पलों को देखते हुए रिश्तेदार तथा उनके दोस्त धूमधड़ाके के साथ दरगाह परिसर में पहुंचे।
उक्त जोड़े नगर क्षेत्र के अलावा आसपास के ग्रामीण अंचलों समेत भोपाल, इंदौर, दतिया, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, झांसी, जालौन, अशोकनगर, चंदेरी व दमोह से आए थे। उन्होंने बाबा सदनशाह की दरगाह पर माथा टेककर अपने दांपत्य जीवन की खुशहाली की दुआएं मांगी।
शुभकामनाएं देने के लिए उर्स कमेटी के पदाधिकारियों के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, नरेंद्र शर्मा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद कुशवाहा, हरीकिशन बाबा, रामस्वरूप देवलिया, अनिल जैन सीमा, मो. जलील, अब्दुल समद आदि कांग्रेसियों के अलावा समाजवादी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश उत्तम, एमएलसी प्रतिनिधि आरपी निरंजन, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल यादव, जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन, खिलान सिंह यादव, विधायक प्रत्याशी ललितपुर ज्योति कल्पनीत लोधी, महरौनी रमेश खटीक, कुंदन पाल, जिला पंचायत सदस्य अतुल निरंजन आदि ने नए जोड़ों को सफल जीवन के लिए दुआएं दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंजुमन सदर असलम कुरैशी, उर्स कमेटी सदर हाजी बाबू बदरुद्दीन कुरैशी, अब्दुल रहमान कल्ला, हाजी साबिर अली, कमरुद्दीन कप्तान, रमजानी दादा, मीडिया प्रभारी मोहम्मद नसीम, रिजवान उज्जमा, अरमान कुरैशी, चौधरी जाफर, इस्लामुद्दीन कुरैशी, हबीब कुरैशी, हाजी अतीक, हाजी अनीस, समीर चौबे, शेख नत्थू, चौधरी चंदा, फजल करीम, राजू सिंधी आदि की भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन अजीज कुरैशी ने किया।