ललितपुर। प्रदेश शासन द्वारा कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम में संशोधन कर खाद्य पदार्थों पर मंडी शुल्क और शमन शुल्क की राशि बढ़ाने से व्यापारियों में रोष है। उन्होंने गल्ला मंडी में धरना-प्रदर्शन किया और मंडी शुल्क वापस लेने की मांग की।
बृहस्पतिवार को गल्ला व्यापार मंडल और उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के संयुक्त तत्वावधान में मंडी परिसर के मुख्य गेट के पास व्यापारियों ने प्रदेेश सरकार की व्यापारी विरोधी नीतियों का विरोध किया। व्यापारियों ने धरना के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही मंडी शुल्क व शमन शुल्क की राशि बढ़ाए जाने वाले अध्यादेश की प्रतियां जलाईं।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी अधिनियम 1984 की धारा चार (क) में संशोधन करते हुए 13 प्रकार की खाद्य वस्तुओं, तेलों, काजू, किसमिस, बादाम, छुहारा, राजमा, काली मिर्च, मशरूम, चेरी आदि पर ढाई प्रतिशत की दर से मंडी शुल्क लगा दिया गया है।
सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों पर 2.5 प्रतिशत की दर से शुल्क लिए जाने से इसका अतिरिक्त भार प्रदेश के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। प्रदेश सरकार को मंडी शुल्क उन वस्तुओं पर लेने का अधिकार है, जिसकी पैदावार प्रदेश में होती है। कोई भी ड्राई फ्रूट प्रदेश में पैदा नहीं होता है, ऐसे में सरकार द्वारा मंडी शुल्क लगाना उचित नहीं है।
साथ ही कहा कि मंडी अधिनियम में शमन शुल्क की राशि 20 हजार से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दी गई, जो व्यापारी हित में नहीं है। व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अधिसूचना वापस ली जाए और शमन शुल्क की राशि बीस हजार रुपए यथावत की जाए।
व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रमेश चंद्र को सौंपा। इस मौके पर गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष अशोक अनौरा, संतोष साहू, प्रसन्न कुमार जैन, नितिन कुमार, जिनेंद्र कुमार, सुंदरलाल कपूर चंद, अंकुर, राजीव पटैरिया, संजीव जैन, अरविंद जैन, आनंद जैन, नरेंद्र कुमार, सौरभ जैन, राजेश बल्ली, कोमल चंद जैन मौजूद रहे।