ललितपुर। विकास खंड बार और बिरधा में मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार नहीं देने और ढाई सौ श्रमिकों को कम काम देने का मामला सामने आने पर मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड बार और बिरधा के कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) का वेतन रोक दिया है और चेतावनी दी है कि यदि पुन: इसी प्रकार की स्थिति पाए जाने पर वेतन काट दिया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने विकास खंड बार के कार्यक्रम अधिकारी को पत्र दिखकर अवगत कराया है कि मनरेगा एमआइएस सात जनवरी के आधार पर कार्यरत श्रमिकों की समीक्षा में पाया गया कि ग्राम पंचायत गदयाना, गैदोरा व टोड़ी में कार्य शुरू नहीं कराया गया है, जिससे श्रमिक कार्य के लिए पलायन को विवश हो सकते हैं। इसके साथ ही बीते छह जनवरी को कार्यरत श्रमिकों के सापेक्ष 130 श्रमिकों को कम रोजगार दिया गया है। ऐसे में एपीओ की कार्य प्रणाली और तीन ग्राम पंचायतों में श्रमिकों को रोजगार न मिलने पर उनका छह जनवरी को वेतन अग्रिम आदेशों तक रोका गया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि ऐसी स्थिति फिर से पाई जाती है तो छह जनवरी का वेतन काट दिया जाएगा। वहीं, विकास खंड विरधा की समीक्षा में पाया गया है कि मनरेगा एमआइएस के आधार पर समीक्षा बैठक में पाया गया कि विकास खंड बिरधा में कार्यरत श्रमिकों के सापेक्ष 118 श्रमिकों को कम रोजगार दिया गया है। विकास खंड में श्रमिकों को रोजगार न देने और प्रति ग्राम पंचायत कम से कम साठ श्रमिकों को न देने के मामले में बिरधा के कार्यक्रम अधिकारी तबरेज खान का छह जनवरी का वेतन भी रोकने के आदेश दिए हैं। साथ दोबारा ऐसी स्थिति मिलने पर वेतन काटने की चेतावनी भी दी।