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15 दिनों के लिए माने गौ भक्त, फिर होगा आंनदोलन

Sun, 02 Apr 2017 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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cow lalitpur news - फोटो : demo
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कान्हा पशु आश्रय के निर्माण की मांग को लेकर नगर पालिका व जिला प्रशासन के खिलाफ अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठे गौ भक्तों ने छठवें दिन अपना अनशन नगर पालिका अध्यक्ष के आश्वासन पर समाप्त कर दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष ने आगामी 15 दिनों के भीतर कान्हा पशु आश्रय के निर्माण कार्य का शुभारंभ कराने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया तो फिर उनके व सैंकड़ों गौ भक्तों के द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर पालिका व जिला प्रशासन की होगी।
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शासन से छह माह पूर्व धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी शहर में कान्हा पशु आश्रय का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा रहा था, इसी के विरोध में बीते सोमवार से गौ सेवा मंडल समिति ने नगर पालिका कार्यालय परिसर में अनिश्चित कालीन अनशन शुरू कर दिया था। इसके बाद शहर के विभिन्न संगठन भी अनशन में शामिल हो गए थे। अनशन के छठवें दिन शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल व पार्षदों ने अनशनकारियों को मना लिया है। नपा अध्यक्ष ने कहा कि नगर पालिका ने उक्त धनराशि को अपने खाते में अवमुक्त करा लिया है, जिससे अब उक्त धनराशि लैप्स नहीं होगी।

इसके अलावा उन्होंने आश्वासन दिया है कि कान्हा पशु आश्रय योजना के लिए सुरईघाट मुक्तिधाम में जमीन चिह्नित कर ली गई है और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हो चुका है और प्रशासनिक मंजूरी के लिए प्रस्ताव को जिलाधिकारी व मंडलायुक्त के समक्ष प्रेषित किया जा रहा है। कान्हा पशु आश्रय का निर्माण कार्य शुरू होने में 15 दिनों का समय लग सकता है। इस आश्वासन पर गौ सेवा मंडल व समर्थन देने वाले अन्य संगठन मान गए हैं और उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। लेकिन अनशनकारियों की ओर से समिति अध्यक्ष सुनील पटैरिया व कपिल मिश्रा ने सर्वसम्मति से यह चेतावनी भी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू नहीं होता है
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तो उसके बाद अनशन नहीं बल्की उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी नगर पालिका व जिला प्रशासन की होगी। गौरतलब है कि शहर ही नहीं बल्की पूरे जनपद में एक भी कांजी हाउस नहीं है, जिससे सड़कों पर आवारा घूम रहे गौवंश हर रोज दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं। शासन द्वारा बीते 29 सितंबर को नगर पालिका क्षेत्र में कान्हा पशु आश्रय का निर्माण कराने के लिए कुल स्वीकृत 3.49 करोड़ रुपये की लागत के सापेक्ष 1.74 करोड़ रुपये विभाग के खाते में भेजे थे, लेकिन जमीन के फेर में अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका था।  

जमीन की तलाश में नगर पालिका व जिला प्रशासन की ओर से बरती जा रही लापरवाही के चलते गौ सेवा मंडल व अन्य संगठनों के गौ भक्त अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठे थे। यही स्थिति नगर पंचायत तालबेहट की भी है, यहां के लिए भी स्वीकृत कुल 3.42 करोड़ रुपए के सापेक्ष शासन ने छह माह पूर्व 1.72 करोड़ रुपए की प्रथम किश्त नगर पंचायक के खाते में अवमुक्त कर दी थी। लेकिन कान्हा पशु आश्रय का निर्माण कार्य शुरु नहीं हो सका है। इस दौरान पार्षद अफजुल रहमान, अनुराग जैन, गुड्डू तिवारी, पंकज मोदी, हबीब खां, सिकंदर खां, विनोद मिश्रा, धर्मेंद्र गोस्वामी, चंद्र शेखर दुबे, मज्जू सोनी, रामप्रताप सिंह, मुकेश राजपूत, योगेश दुबे, रवि ठाकुर, रीतेश, विवेक जैन, दीपक त्रिपाठी, हरि किशोर, मुकेश, अजय लोधी, अनुराग सिंह लोधी आदि उपस्थित रहे।
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