ललितपुर। दो साल पहले हुई अतिवृष्टि के कारण जनपद के किसानों की रबी की फसल नष्ट हो गई थी। शासन ने सर्वे कर किसानों राहत राशि पहुंचाने का काम शुरु किया। पहले जहां शासन की ओर से 18 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा वितरित किया जा रहा था। वहीं अब किसानों को 22 सौ रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा वितरित करने के आदेश पिछले महीने राज्य सरकार द्वारा दिए गए हैं। मुआवजा राशि घटाने के पीछे राज्य सरकार का तर्क है, कि केंद्र सरकार ने अपने हिस्से की राशि नहीं भेजी है।
पहले चरण में जनपद में 172 करोड़ रुपए वितरित किया जा चुुका है। यह राशि केवल लघु व सीमांत किसानों को बांटी गईं। जनपद में कुल 1 लाख 52 हजार 802 किसानों को 18 हजार रुपज्ञ् प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया गया। इसमें केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई 13 हजार पांच सौ रुपये की राशि में अतिरिक्त सहायता के तौर राज्य सरकार द्वारा 45 सौ रुपए को जोड़ दिया गया था। यह राशि वितरित होने के बाद शासन ने जनपद से शेष किसानों का ब्यौरा व उनके लिए वितरित होने वाली राशि का ब्यौरा मांगा था। जनपद से 1 लाख 36 हजार 751 किसानों के लिए 295 करोड़ रुपये की मांग की गई थी। जिसके सापेक्ष शासन की ओर से मात्र 27 करोड़ 84 लाख रुपये उपलब्ध कराए, वो भी सिर्फ 22 सौ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से बांटने के दिशा निर्देश के साथ। यह राशि 1 लाख 26 हजार 532 किसानों के लिए दी गई है। किसानों का कहना है, कि एक हेक्टेयर में तीन हजार से ज्यादा का तो केवल बीज ही लग जाता है। शासन द्वारा दो हजार रुपये की राहत राशि देना मजाक करना जैसा है। शासन द्वारा पहले चरण में केवल लघु व सीमांत किसानों को ही राहत राशि बांटने के निर्देश दिए गए थे। बड़ी जोत के किसान इंतजार कर रहे थे, कि छोटे किसानों को मुआवजा वितरति होने के बाद उन्हें राहत राशि मिल सकेगी। लेकिन शासन ने बड़ी जोत के किसानों पर पानी फेर दिया और सिर्फ 22 सौ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर तय कर दी। जीरौन गांव के निवासी प्रकाश नारायण पुरोहित कहते हैँ, कि बड़ी जोत का किसान शासन से राहत राशि मिलने की उम्मीद जताए था, लेकिन शासन ने तो मजाक बना दिया है। अगर बड़ी जोत वाले किसान की आर्थिक स्थिति मजबूत है, तो उसे नुकसान भी तो ज्यादा हुआ है। शासन को मुआवजे की दरों को फिर से तय करना चाहिए।
शासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत ही मुआवजा राशि का वितरण किया जा रहा है। अगर बढ़ी हुई दर का कोई निर्देश जारी होगा, तो उसके आधार पर मुआवजा बांटा जाएगा। डा रुपेश कुमार जिलाधिकारी