ललितपुर। प्रोजेक्ट ‘नई किरण’ में रविवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जब पत्नी सब्जी नहीं बना सकी तो नाराज पति ने उसे मायके भेज दिया। दोनों के अलग-अलग होने की नौबत आ गई। लेकिन, नई किरण में दोनों के बीच मनमुटाव दूर कर दिया और परिवार को टूटने से बचा लिया गया।
रविवार को प्रोजेक्ट नई किरण में छह मामले आए, जिनमें पांच परिवारों में आपसी सुलह के आधार पर समझौता कराया गया। एक परिवार का मामला ऐसा भी आया, जिसमें पत्नी सब्जी नहीं बना पाई तो पति नाराज रहने लगा और दोनों में इतना मनमुटाव हो गया कि दोनों के अलग-अलग रहने की नौबत आ गई। पत्नी को मायके भेज दिया गया। रविवार को जब मामला पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग के समक्ष पहुंचा तो मामले को समझकर दोनों पति-पत्नी को समझाया, जिस पर पत्नी सब्जी बनाना सीखने को राजी हो गई। पति भी पत्नी की छोटी से कमी को नजरअंदाज कर समझौता के लिए राजी हो गया। इसके अलावा अन्य मामलों में किसी में मायके पक्ष का दखल देेखने को मिला तो किसी में पति द्वारा बार-बार टोका - टोकी, किसी में पति व ससुरालियों द्वारा बात-बात पर झगड़ने का कारण सामने आया। ऐसे मामलों में आपसी सुलह व सामंजस्य के साथ रहने की सीख देकर सुलह समझौता करा दिया गया और राजी खुशी एक दूसरे के साथ रहने को तैयार हो गए।
इस मौके पर नई किरण के सदस्य प्रो.भगवत नारायण शर्मा, अजय बरया, डा.एसपी पाठक, सुधा कुशवाहा, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. दीपक चौबे, डॉ. सुभाष जैन, मुख्य आरक्षी महिला शशि, सरिता यादव, सरिता मौर्य, सरोज निषाद आदि मौजूद रहीं।