संदिग्ध परिस्थितियों महंत की जलकर मौत
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ना नाराहट अंतर्गत ग्राम देवरी स्थित जामनी नदी के पास स्थित दुर्गामाता मंदिर के महंत गजराज मुनि (65) की बुधवार की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। महंत के परिजनों ने हत्या का आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी है।
ग्राम देवरी स्थित दुर्गा माता मंदिर में करीब छह माह पूर्व जिला जालौन के थाना डकोर क्षेत्र के ग्राम गुढ़ा सिमरिया निवासी गजराज मुनि को महंत नियुक्त किया था। मंदिर परिसर में ही वह रहते थे। बुधवार को रात्रि में सोने चले गए। बृहस्पतिवार की लोग मंदिर पहुंचे और बाबाजी को नहीं पाया, तो उन्होंने कमरे के बाहर से बाबाजी को आवाज लगाई, जब उन्होंने दरवाजा नहीं खोला तो ग्रामीणों ने इसकी सूचना पूर्व में यहां महंत रहे गौतम मुनि (वर्तमान में धौरपुरा-गदौरा के पास अंजनी माता मंदरि पर महंत) को दी। उन्होंने ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़कर देखा तो सभी सन्न रह गए। मंदिर के महंत गजराज मुनि का जला हुआ शव दरवाजे के पास दीवार किनारे पड़ा हुआ था। कमरे में जली हुई राख पड़ी हुई थी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। साथ ही नाराहट थाना प्रभारी लक्ष्मीनारायण तिवारी और सीओ सदर हिमांशु गौरव भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर दोपहर तक उनका पुत्र यशपाल सिंह ग्राम देवरी स्थित पहुंच गया। पुुत्र ने हत्या होने की आशंका जाहिर की। उसने बताया कि उनका परिवार पूर्ण संपन्न है और वह बिना किसी समस्या के खुशी से यहां महंत का कार्य कर रहे थे।
कमरे में बिखरा मिला सामान
ललितपुर। गजराज मुनि के कमरे के बाहर जहां उनकी चारपाई व्यवस्थित मिली, तो वहीं कमरे के अंदर हल्दी की गांठें, तेल की शीशी, मुनि के शव के पास में ही बिखरी पड़ी थी। साथ ही लकड़ियों की राख के नजदीक एक मटका भी फूटा मिला। इससे यह तो स्पष्ट है कि उन्होंने आग से अपने को बचाने का पूरा प्रयास किया होगा। बाकी तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।