अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कारीटोरन में पंचकल्याणक प्रतिष्ठा गजरथ महोत्सव और मानस्तंभ जिनबिंब महामस्तिकाभिषेक चर्या 11 से 18 दिसंबर तक होगी। मंगलवार को महोत्सव समिति अध्यक्ष महेंद्र जैन मयूर की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया।
आचार्य विशुद्धसागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि सुप्रभ सागर, मुनि प्रणत सागर महाराज के सानिध्य में होने वाले इस आयोजन को लेकर आयोजित बैठक का मंगलाचरण पं. माधव शास्त्री ने किया। महामंत्री श्रेयांस जैन ने बताया कि मड़ावरा के ग्राम कारीटोरन जहां मूलनायक भगवान शांतिनाथ अरहनाथ कुंथुनाथ की अतिशयकारी प्रतिमाएं विराजमान हैं, उस भूमि पर मुख्य प्रतिष्ठाचार्य पं. कमल कुमार कमलांकुर भोपाल सहित 11 प्रतिष्ठाचार्य विद्वानों के निर्देशन में महामहोत्सव की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
भगवान के माता-पिता का सौभाग्य क्षेत्र के लिए समर्पित पं. महेश कुमार जैन-सुखवती रहेंगे, जिन्हें लखनऊ में चातुर्मासरत मुनि सुप्रभ सागर महाराज ससंघ का आशीर्वाद मिल चुका है। सौधर्म इंद्र, कुवेर महायज्ञनायक, यज्ञनायक, ईशान सनत कुमार, इंद्र ध्वजारोहण कर्ता आदि के चयन की प्रक्रिया चल रही है। मेला के अध्यक्ष महेंद्र मयूर ने बताया कि आवास, पंडाल आदि की व्यवस्थाओं के लिए समिति उपसमिति गठित की गई है।
महोत्सव में बड़ी संख्या में धर्मालुजनों के पहुंचने की संभावनाएं हैं, जिसके लिए प्रशासन से सहयोग लिया जाएगा। मुख्य संयोजक अजित खजुरिया ने सुदूर अंचल में स्थित धार्मिक स्थल पर आयोजित होने वाले महामहोत्सव के लिए समाज से सक्रिय सहभागिता हेतु आग्रह किया। प्रतिष्ठाचार्य पं. महेश जैन ने बताया कि सहस्त्रकूट जिनालय एवं मंदिर निर्माण संबंधी कार्य जल्द पूर्ण हो जाएगा।
महोत्सव को भव्यता प्रदान करने के लिए शिवप्रसाद, अनंत सराफ, डॉ. विजय जैन, मनोज जैन, का. जिनेंद्र जैन, सुदीप मोहनी, राजू रमग्रढा, मुकेश जैन, नेमीचंद जैन, संतोष जैन, अनुभव कपासिया, नमन सेठी, संजय खन्ना, विजय जैन आदि ने अपने विचार रखे।
-ये होंगे कार्यक्रम
13 दिसंबर-जन्मकल्याणक
16 दिसंबर-मोक्षकल्याणक एवं गजरथ परिक्रमा
17 दिसंबर-मानस्तंभ की प्रतिमाओं का महामस्तिकाभिषेक कलशारोहण
18 दिसंबर-आध्यात्मयोगी चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्धसागर महाराज का जन्मजयंती समारोह