कई स्वास्थ्य केंद्रों में स्थापित तक नहीं की गईं मशीनें, निजी सेंटरों पर महंगी जांच करा रहे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए शासन ने संसाधन भले ही उपलब्ध कराए हों, लेकिन ज्यादातर केंद्रों में मशीनें धूल फांक रही हैं। ज्यादातर केंद्रों में अल्ट्रासाउंड मशीन, डिजिटल एक्सरे, हेल्थ एटीएम पैक रखी हुई हैं। वहीं दो सीएचसी पर सीबीसी मशीन खराब होने से खून की जांच ठप पड़ी हुईं हैं। ऐसे में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गईं हैं।
अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं हो सकीं चालू
सीएचसी पर बेहतर उपचार के लिए अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा शुरू करने के लिए मशीनें उपलब्ध कराई गईं थी, लेकिन, लगभग तीन वर्ष बीतने के बाद भी मशीनों को संचालित नहीं किया गया है। सीएचसी में मशीनें स्थापित तक नहीं की गई हैं। जहां स्थापित हैं वहां चालू नहीं हो सकी हैं। यह हाल जिले की छह सीएचसी का बना हुआ है। ऐसे में प्रतिदिन सभी सीएचसी से लगभग 200 से 210 गर्भवती महिलाओं समेत मरीजों को बाहर जांच के लिए जाना पड़ रहा है। जहां पर प्रति मरीज को पांच से छह सौ रुपये खर्च करसा पड़ रहा है। निर्धन मरीजों को जांच कराना तक मुश्किल हो रहा है।
बाहर से महंगे दर पर करा रहा डिजिटल एक्स-रे शासन द्वारा सीएचसी पर हड्डी के फ्रैक्चर की जांच के लिए डिजिटल एक्स-रे जांच मशीनें उपलब्ध कराई गईं थी। इसमें महज सीएचसी बार में डिजिटल एक्स-रे मशीन स्थापित की गई है, लेकिन वोल्टेज की समस्या के चलते शुरू नहीं की जा सकी है। अन्य सीएचसी पर तो मशीनें खुली तक नहीं गईं हैं। ऐसे में जांच की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। ऐसे में प्रतिदिन छह सीएचसी से लगभग 120 मरीज बाहर से जांच कराने के लिए जा रहे हैं। जहां पर प्रत्येक मरीज को चार से पांच सौ रुपये खर्च करना पड़ रहे हैं।
हेल्थ एटीएम भी बने शोपीस
पैथोलॉजी में लगने वाले लंबी कतारों से राहत दिलाने व तत्काल जांच की सुविधा को हेल्थ एटीएम उपलब्ध कराईं गईं थीं। शुरुआत में उम्मीद थी, कि अब जांच के लिए कतार में नहीं लगना होगा। लेकिन, अधिकांश हेल्थ एटीएम खराब हो गई हैं। ऐसे में मरीजों को इनका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को पैथोलॉजी में सैंपल देकर जांच के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसे में कई मरीजों को जांच के बाद दूसरे दिन रिपोर्ट के लिए आना पड़ता है।
तालबेहट में नौ तो महरौनी में चार वर्ष से खराब पड़ी सीबीसी मशीन
जनपद की छह सीएचसी में दो सीएचसी पर तो खून की जांच तक बंद पड़ी हुई हैं। इनमें सीएचसी तालबेहट में नौ वर्ष से सीबीसी मशीन खराब होने से जांच नहीं हो पा रही है। वहीं महरौनी में वर्ष 2020 में सीबीसी मशीन स्थापित की गई थी, इससे आठ दिन ही जांच हुई थीं, इसके बाद जांच बंद हो गई थी। तब से लेकर अब तक खून की जांच शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में दोनों सीएचसी से प्रतिदिन लगभग 100-110 मरीजों को बाहर जांच के लिए जाना पड़ रहा है। जहां पर प्रत्येक मरीज को 200 रुपये देना पड़ रहे हैं।
सीएचसी पर उपचार कराने आए थे, जहां पर चिकित्सक ने टीएलसी जांच का परामर्श दिया। लैब में पहुंचने पर पता चला कि जांच नहीं हो रही है। ऐसे में निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ी। - हेतराम
अस्पताल में खून की जांच लंबे समय से बंद चल रही है। ऐसे में अस्पताल में जांच की सुविधा न होने से बाहर जाना पड़ रहा है। जहां पर 200 रुपये अदा करने पड़ रहे हैं। गौनाबाई
सीएचसी में अभी बीते दिनों ही चार्ज लिया है। केंद्र पर सीबीसी मशीन खराब होने की जानकारी नही हैं। जल्द ही चालू कराया जाएगा। -डॉ. सुंदर सिंह, चिकित्साधीक्षक सीएचसी महरौनी
सीएचसी पर जांच मशीनें को जल्द ही चालू कराया जाएगा। तीन सीएचसी पर अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की जा रही है। -डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी