पर्याप्त साधन होने के बावजूद नगर पालिका शहर में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं कर पा रही है। स्थिति यह है कि रामनगर सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में नालियां चोक पड़ी हैं और कचरा निकालने वाली मशीन स्टोर रूप में रखी धूल खा रही है।
नगर पालिका ने शहर की नालियों की सफाई कराने के लिए दो वर्ष पूर्व सात लाख रुपये खर्च करके एक मशीन खरीदी थी। इस छोटी मशीन को इसलिए खरीदा गया था ताकि, संकरी गलियों में इसे ले जाकर बंद नालियों में जमा गंदगी को निकाला जा सके। शुरुआती दौर में ही कभी-कभार ही इसका उपयोग किया गया, लेकिन बीते एक वर्ष से यह मशीन शहर की सड़कों पर दिखाई भी नहीं दी है। वहीं, नगर पालिका के सफाई कर्मियों भी इन नालियों को नियमित साफ नहीं करते, इस कारण ये चोक पड़ी हैं। मुहल्ला रामनगर में मुख्य मार्ग व नाली का निर्माण कराए हुए करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय हो गया है, लेकिन नाली की सफाई एक बार भी नहीं कराई गई है। नाली में जमा गंदगी के कारण स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अफसर अंजान
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार को इस मशीन की खबर भी नहीं है। उनका कहना है कि मशीन की खरीदी पूर्व में की गई होगी, जिस कारण उसकी जानकारी नहीं है। मशीन का निरीक्षण किया जाएगा, यदि उसमें कोई खराबी होगी तो उसके जल्द ही सही कराकर उपयोग में लाया जाएगा।
दो नहीं हुई सफाई
मुहल्ला रामनगर में रहने वाले मथुरा प्रसाद बातते हैं कि मुहल्ले में नाली को बने हुए करीब डेढ़ वर्ष हो गए हैं, लेकिन अभी तक नगर पालिका ने एक बार भी इसकी सफाई नहीं कराई है। सफाई के अभाव में नाली में काफी गंदगी जमा हो गई है, जिससे आसपास रहने वाले समस्त लोगों का समस्या पैदा हो रही है।
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बीमारी फैलने का भय
मुहल्ले में ही रहने वाले परमानंद कुशवाहा बताते हैं कि नालियों में जमा गंदगी के कारण मुहल्ले में बीमारियां फैलने का भी भय बना रहता है। गंदगी के कारण मच्छरों का जमकर प्रकोप है, बच्चों के बीमार होने की चिंता हमेशा सताती रहती है।
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कई बार की शिकायत
यहां रहने वाले संतोष बताते हैं कि उन्होंने अनेक बार नगर पालिका के अधिकारियों से की है, लेकिन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। मुहल्ले वासियों को हो रही समस्या की ओर नगर पालिका के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।