ललितपुर। एलयूसीसी चिटफंड कंपनी बनाकर कम समय में धन दोगुना करने के नाम पर आमलोगों की करोड़ों रुपये की जमापूंजी हड़पने वाले जालसाजों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मंगलवार को पुलिस ने जेल में निरुद्ध चल रहे मुख्य संचालक व गैंगस्टर के आरोपी रवि तिवारी सहित उसके दस साथियों की 8.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की। इस दौरान भारी पुलिस फोर्स और राजस्व विभाग की टीमें मौजूद रहीं।
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ जनपद के विभिन्न थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस मुख्य संचालक रवि तिवारी सहित तीन दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसमें मुख्य संचालक सहित करीब दस आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई थी। गैंगस्टर की कार्रवाई करने के बाद आरोपियों के द्वारा अपराध से अर्जित की गई संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसमें पुलिस व राजस्व विभाग की टीम ने गैंगस्टर के दस आरोपी रवि तिवारी उर्फ रविशंकर, आलोक कुमार जैन उर्फ आलोक जैन, द्वारिका प्रसाद झां, सतीश चंद्र जैन, रामनरेश साहू, महेश प्रसाद रजक, सुरेंद्रपाल सिंह, हरदेव पटेल, भरत वर्मा, जितेंद्र सिंह निरंजन की चल अचल संपत्ति को चिह्नित किया गया।
आरोपियों के पास चिटफंड कंपनी बनाकर किए गए करोड़ों के घोटाले से करोड़ों रुपये की चल-अलच संपत्ति पाई गई। इसके बाद इन सभी दस आरोपियों की संपत्ति को कुुर्क करने के आदेश दिए गए। आदेश के क्रम में मंगलवार को सीओ सदर अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने गैंगस्टर के आरोपी और एलयूसीसी के डायरेक्टर रहे जितेंद्र सिंह निरंजन, मुख्य संचालित रवि तिवारी, सुरेंद्रपाल सिंह सहित सभी दस आरोपियों की करीब 8.40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क किया गया। जिसमें मकान, गाड़ी, जमीन, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स सहित अन्य संपत्ति शामिल रही। कुर्की की कार्रवाई पुलिस टीमों के द्वारा देर रात तक चलती रही।