ललितपुर। द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसायटी (एलयूसीसी) में निवेश करने वालों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि थोड़ा-थोड़ा कर धनराशि जमा की थी। उम्मीद थी कि भविष्य में बच्चों की शिक्षा और विवाह जैसे कार्यों के लिए जमा किया जा रहा धन लाभकारी होगा। लेकिन, एलयूसीसी के मुख्य सरगना समीर अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, मानवेंद्र द्विवेदी, जितेंद्र सिंह निरंजन, रविशंकर तिवारी, आलोक कुमार जैन, सुरेंद्र पाल सिंह, द्वारिका प्रसाद, भरत वर्मा, अनुराग बंसल, शबाब रिजवी व उनके साथियों ने पांच साल में रुपये दोगुने करने का झांसा देकर धनराशि हड़प ली। अब रुपये डूबने के कगार पर हैं। उन्होंने बताया कि 1600 करोड़ से अधिक की धनराशि हड़पने के बाद कंपनी के सभी कार्यालय बंद हैं। उन्होंने सीबीआई जांच कराने के साथ धनराशि वापस दिलाने की मांग उठाई। ज्ञापन पर शारदा, बृजेश साहू, रघुवीर, बृजेंद्र झा, संजय कुमार, कुंवरबाई, मीरा, प्रभा, गजेंद्र सिंह, केशकली, सुनील, सतीश कुमार, चंदन सिंह, मोहन आदि के हस्ताक्षर बताए गए।