संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। चिटफंड कंपनी एलयूसीसी घोटाले में पुलिस ने मंगलवार को सीएमडी और मुख्य संचालकों समेत 26 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोतवाली अंतर्गत कस्बा बिरधा निवासी रेखा बरार ने पुलिस को बताया कि यहां सतीश चंद्र जैन की ओर से एलयूसीसी की शाखा चलाई जा रही थी। वर्ष 2019 में आलोक जैन, रविशंकर तिवारी, सुरेंद्रपाल सिंह, शैली बजाज तिवारी, विनोद तिवारी, राहुल तिवारी, शबाब रिजवी, हरदेव पटेल, महेश प्रसाद रजक, रिजवान, मुकेश जैन, नीरज जैन, द्वारिका झा, जगत सिंह, अशोक कुमार अहिरवार, मानसिंह अहिरवार, आलोक पाठक, जमाल अहमद खान कई वाहनों से आए। बिरधा में एलयूसीसी की शाखा पर मीटिंग की। सतीश चंद्र जैन ने सूचना देकर आने के लिए कहा था।
वह अपने अन्य साथियों के साथ बिरधा पहुंची। आरोपियों ने एलयूसीसी बारे में बताया कि यह सोसाइटी आरबीआई से अधिकृत है अन्य बैंकों की तरह कई प्रदेशों में काम कर रही है। वह व उसके साथी उनकी बातों में आ गए और घर की जमापूंजी तथा जेवरात बेचने से मिले रुपयों विभिन्न योजनाओं में निवेश किया। अपने मिलने जुलने वालों से भी निवेश कराया। आरोपियों ने साजिश रचकर धोखाधड़ी से एलयूसीसी में बिरधा शाखा के माध्यम से रुपया जमा कराया। निवेश की गई धनराशि के एवज में कूटरचित एफडी व आरडी दी गई। जमा धन की परिपक्वता पूरी होने पर जुलाई 2024 में जब रुपया मांगने के लिए सतीश चंद्र जैन व उसके साथियों के पास गए तो उन्होंने गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।