ललितपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी योगेश कुमार शुक्ल ने सावन के महीने में निकाली जाने वाली धार्मिक यात्राओं व मंदिरों पर होने वाले जलाभिषेक व पूजन-अर्चन की तैयारियों के संबंध में कहा कि कोरोनाकाल में भगवान भोलेनाथ की आराधना घर पर रहकर ही करें।
धर्मगुरुओं के साथ बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित है। हमारे समाज में शिवजी के जलाभिषेक की परंपरा है। पर, वर्तमान परिस्थिति में हमें शिव जी की आराधना करते हुए समाज की सुरक्षा भी करनी है। महंत नरसिंह मंदिर वेदांती महाराज ने कहा कि मार्च में कोरोना महामारी का प्रकोप हमारे देश में प्रारंभ हुआ, जो समय के साथ निरंतर बढ़ता जा रहा है। वर्तमान समय की परिस्थितियों को देखते हुए कोरोना जैसी भयानक महामारी से सुरक्षा के लिए समस्त श्रद्धालु श्रावण मास में अपने घरों में ही भगवान भोलेनाथ का शिवलिंग बनाकर उस पर जलाभिषेक एवं पूजन करें। कोई भी श्रद्धालु शिवजी के मंदिर दर्शन करने के लिए ही जाए, एक बार में मंदिर में केवल एक ही श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे शिवालयों में भीड़ एकत्रित न हो और शासन के दिशा-निर्देशों का पालन हो सके।
पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने कहा कि शासन की मंशानुसार हमारी एवं हमारे समाज की सुरक्षा सर्वोपरि है। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए श्रावण मास में श्रद्धालु अपने घरों में ही भगवान भोलेनाथ का पूजन करें, जिससे कोरोना जैसी महामारी से सुरक्षित रह सकें। यदि हम शासन के निर्देशानुसार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे तो समाज पूर्ण रुप से सुरक्षित रहेगा। जिलाधिकारी ने धर्मगुरुओं से अनुरोध किया है कि वह श्रद्धालुओं को अपने घरों में ही पार्थिव शिवलिंग की स्थापना कर जलाभिषेक करने के लिए प्रेरित करें। श्रद्धालुओं को यदि भगवान शिव के दर्शन करने हों तो बारी-बारी से मंदिरों में एक बार में एक श्रद्धालु जाकर दर्शन कर सकता है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर गजल भारद्वाज, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चन्द्र राय उपस्थित रहे।